Fly91 Expansion: रीजनल एयरलाइन Fly91 का बड़ा दांव, **20** नए ATR विमान खरीदने की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Fly91 Expansion: रीजनल एयरलाइन Fly91 का बड़ा दांव, **20** नए ATR विमान खरीदने की तैयारी

प्राइवेट रीजनल एयरलाइन Fly91 अपने बेड़े के विस्तार में जुटी है। कंपनी कम से कम **20** ATR टर्बोप्रॉप विमान खरीदने के लिए बातचीत कर रही है, ताकि **2033** तक अपने फ्लीट को **60** विमानों तक ले जा सके।

भारत के एविएशन सेक्टर में तेजी से उभरती रीजनल एयरलाइन Fly91 अब अपने ऑपरेशन को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। कंपनी फिलहाल कम से कम 20 ATR टर्बोप्रॉप विमानों का ऑर्डर देने के लिए एडवांस बातचीत कर रही है। यह कदम 2033 तक कंपनी के फ्लीट को 60 विमानों तक पहुंचाने की लंबी रणनीति का हिस्सा है।

मौजूदा फ्लीट और रणनीति

फिलहाल Fly91 के पास 6 ATR 72-600 विमानों का छोटा बेड़ा है। ATR विमानों का चुनाव एक सोची-समझी रणनीति है, क्योंकि ये कम लंबी रनवे वाली जगहों और टियर-2 व टियर-3 शहरों के छोटे रूटों के लिए बेहद किफायती होते हैं। सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत यह कंपनी अनसुलझे रूटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।

वित्तीय चुनौतियां

हालांकि, कंपनी की राह आसान नहीं है। जहां फाइनेंशियल ईयर 2026 की एक तिमाही में एयरलाइन ने मुनाफा दर्ज किया, वहीं फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी को ₹67.6 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा था। भारतीय एविएशन सेक्टर में परिचालन लागत (operational costs) हमेशा से ही मुनाफे के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।

आगे की राह

कंपनी का मैनेजमेंट अब 2027 के अंत तक कैश ब्रेक-ईवन और अगले साल तक पूरी तरह से मुनाफे में आने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। बैंक फंडिंग से लेकर फ्यूल की कीमतों और मेंटेनेंस खर्चों तक, कंपनी के सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। भविष्य में Fly91 की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने बढ़ते फ्लीट के साथ कितनी कुशलता से 'लोड फैक्टर' यानी अपनी सीटों को भरने की दर को बनाए रख पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.