Ownly का 'जीरो-कमीशन' दांव, क्या Swiggy-Zomato की बादशाहत होगी खत्म?
Rapido की फूड डिलीवरी सर्विस Ownly अब Bengaluru के हर कोने में पहुंच गई है। करीब छह महीने के पायलट रन के बाद, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है। Ownly का सबसे बड़ा दांव है रेस्टोरेंट्स के लिए 'जीरो-कमीशन' मॉडल। इसका मतलब है कि रेस्टोरेंट्स को लिस्टिंग, ऑनबोर्डिंग या किसी भी तरह की सब्सक्रिप्शन फीस नहीं देनी होगी। वहीं, ग्राहकों को हर ऑर्डर पर ₹30 की फ्लैट डिलीवरी फीस चुकानी होगी, जिसमें भविष्य में दूरी के हिसाब से थोड़ा बदलाव संभव है। यह सीधा कदम उन तकलीफों को दूर करने के लिए उठाया गया है जो रेस्टोरेंट्स अक्सर ऊंचे कमीशन और भारी डिस्काउंट्स को लेकर उठाते रहे हैं। इस पहल में NRAI (National Restaurants Association of India) का भी साथ मिला है।
दिग्गजों के सामने कड़ी चुनौती, बाजार में किसका पलड़ा भारी?
लेकिन क्या Ownly, Swiggy और Zomato के मजबूत गढ़ को भेद पाएगी? यह एक बड़ी चुनौती है। शुरुआती 2026 तक, Zomato का फूड डिलीवरी सेगमेंट में मार्केट शेयर करीब 55-58% है, जबकि Swiggy 42-45% पर है। Zomato का मार्केट कैपिटलाइजेशन फरवरी 2026 तक लगभग ₹2.7 लाख करोड़ के पार पहुंच गया था, और इसका P/E रेश्यो जनवरी 2026 तक 377.63 (TTM) था। वहीं, Swiggy, जो कि एक प्राइवेट कंपनी है, की वैल्यूएशन हालिया फंडिंग राउंड्स के आधार पर $10.7 बिलियन से $12.7 बिलियन के बीच आंकी गई है। Rapido, Ownly की पैरेंट कंपनी, ने अब तक 13 राउंड्स में $574 मिलियन जुटाए हैं और जुलाई 2024 में $200 मिलियन की सीरीज E राउंड के बाद इसकी वैल्यूएशन $1.1 बिलियन तक पहुंची थी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे कमीशन, जो आमतौर पर ऑर्डर वैल्यू का 20% से 30% तक होता है, रेस्टोरेंट्स के लिए एक बड़ी परेशानी है, खासकर तब जब उनका मुनाफा मार्जिन सिर्फ 3-6% होता है। Ownly के जीरो-कमीशन मॉडल का इरादा इसी खाई को पाटना है।
ऑपरेशनल तालमेल और भविष्य की राह
Ownly अपनी लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम रखने के लिए Rapido के मौजूदा टू-व्हीलर 'कैप्टन्स' का इस्तेमाल करेगी। इन राइडर्स को डिलीवरी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे कंपनी अपने छह मिलियन से ज्यादा दैनिक राइड्स के ऑपरेशनल कैपेसिटी का फायदा उठा सकेगी। कंपनी की योजना जल्द ही अन्य शहरों में भी विस्तार करने की है, जहां Rapido पहले से ही 100 से अधिक शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है।
भारतीय फूड सर्विसेज सेक्टर एक बड़ा बाजार है, जिसकी वैल्यू 2025 में ₹5.7 लाख करोड़ से अधिक थी और 2028 तक इसके ₹7.76 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, इस दौड़ में Swiggy और Zomato जैसे खिलाड़ियों ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। Ownly की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने जीरो-कमीशन मॉडल के वादे को कितनी अच्छी तरह निभा पाती है और ग्राहकों व रेस्टोरेंट्स दोनों के लिए एक बेहतर अनुभव कैसे बना पाती है।