RailTel Corporation of India के लिए इस समय बड़ी खबरें आ रही हैं, लेकिन बाजार का रिएक्शन थोड़ा मिला-जुला है। कंपनी को महाराष्ट्र के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन (IGR) और कंट्रोलर ऑफ स्टाम्प्स के ऑफिसों के डिजिटाइजेशन के लिए ₹1,136.18 करोड़ का एक ज़बरदस्त मैनेज्ड सर्विस कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके साथ ही, ₹35.54 करोड़ का एक रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट भी हाथ लगा है। इन दोनों डीलों से कुल मिलाकर कंपनी की ऑर्डर बुक में ₹1,170 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
मगर, इन बड़ी सफलताओं के बावजूद, शेयर बाजार के विश्लेषकों (Analysts) की राय चिंताजनक बनी हुई है। कई ब्रोकरेज फर्मों ने RailTel के शेयर को 'Strong Sell' रेटिंग दी है और इसका एवरेज प्राइस टारगेट (Price Target) मौजूदा स्तरों से काफी नीचे, यानी ₹257.50 पर रखा है।
आइए, इस विरोधाभास को समझते हैं। महाराष्ट्र सरकार के साथ हुआ ₹1,136.18 करोड़ का यह कॉन्ट्रैक्ट प्रति पेज ₹24.75 की दर पर आधारित है और अगले पांच सालों के अनुमानित स्कैनिंग वॉल्यूम के हिसाब से यह डील तय की गई है। हालांकि, यह रेवेन्यू (Revenue) का एक बड़ा स्रोत है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इस मॉडल में मार्जिन (Margin) की स्थिरता पर सवाल उठ सकते हैं, खासकर अगर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) या वॉल्यूम उम्मीद के मुताबिक न रहें। वहीं, ₹35.54 करोड़ का रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट अगले 24 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है, जो कंपनी के लिए एक स्थिर आय का जरिया बनेगा।
इन सब के बावजूद, स्टॉक का प्रदर्शन बाज़ार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। RailTel का शेयर अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर (52-week high) से लगभग 32.28% नीचे ट्रेड कर रहा है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) फिलहाल 32.7x से 33.3x के बीच चल रहा है। यह वैल्यूएशन (Valuation) BSE इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स के 16.2x के P/E रेश्यो की तुलना में काफी महंगा है। अगर हम कुछ प्रमुख कंपनियों से तुलना करें, तो यह Larsen & Toubro (31.75x) और IRB Infrastructure Developers (31.95x) के करीब है, लेकिन NCC Ltd (12.19x) और GR Infraprojects (10.34x) जैसी कंपनियों से काफी आगे है।
विश्लेषकों के बीच सर्वसम्मति (Consensus) 'Strong Sell' की है, जिसमें दो प्रमुख एनालिस्ट्स का औसत लक्ष्य ₹257.50 है। यह टारगेट मौजूदा भाव से 20% से अधिक की गिरावट का संकेत देता है। हाईएस्ट टारगेट ₹290 और लोएस्ट टारगेट ₹225 तय किया गया है।
कुल मिलाकर, RailTel के बड़े ऑर्डर जीतना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन बाजार की चिंताएं मुख्य रूप से कंपनी के वैल्यूएशन, महाराष्ट्र कॉन्ट्रैक्ट की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और भविष्य में इन बड़े प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की क्षमता पर टिकी हुई हैं। यही कारण है कि बड़ी डीलों के बावजूद, विश्लेषक शेयर में बिकवाली (Sell) की सलाह दे रहे हैं।