RVNL Share Price: ₹270 करोड़ का बड़ा रेल कॉन्ट्रैक्ट मिला, लेकिन इन वजहों से निवेशक हैं चिंतित!

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AuthorAditya Rao|Published at:
RVNL Share Price: ₹270 करोड़ का बड़ा रेल कॉन्ट्रैक्ट मिला, लेकिन इन वजहों से निवेशक हैं चिंतित!
Overview

Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को सेंट्रल रेलवे से **₹270.22 करोड़** का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Daund-Solapur सेक्शन के लिए है और इसे 24 महीनों में पूरा किया जाना है।

रेल विकास निगम को मिला बड़ा प्रोजेक्ट

रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने हाल ही में सेंट्रल रेलवे से ₹270.22 करोड़ का एक महत्वपूर्ण लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट में Daund-Solapur सेक्शन के लिए 2 x 25 KV ट्रैक्शन सिस्टम के साथ 220/132/55 KV ट्रैक्शन सबस्टेशन (Traction Substation), जिसमें सेक्शनिंग पोस्ट (SPs) और सब-सेक्शनिंग पोस्ट (SSPs) शामिल हैं, का डिजाइन, सप्लाई, इरेक्शन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम शामिल है। यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत 24 महीनों में पूरा किया जाएगा। इस खबर के बीच, RVNL के शेयर NSE पर 0.77% बढ़कर ₹321.65 पर बंद हुए, जो कॉन्ट्रैक्ट के आकार को देखते हुए कुछ फीकी प्रतिक्रिया मानी जा रही है।

नतीजों पर मार्जिन का दबाव

यह नया कॉन्ट्रैक्ट RVNL के बड़े ऑर्डर बुक (जो लगभग ₹87,000 करोड़ है) में इजाफा करता है। हालांकि, कंपनी हाल ही में अपने ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है। 5 फरवरी, 2026 को जारी Q3 FY26 के नतीजों के अनुसार, कंपनी के नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 4% की मामूली वृद्धि के साथ ₹324.14 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि रेवेन्यू 2.6% बढ़कर ₹4,684.46 करोड़ हुआ। चिंता की बात यह है कि इस दौरान खर्चों में बढ़ोतरी ज्यादा तेज रही, जिसके कारण प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पिछले साल के मुकाबले लगभग सपाट ₹415.12 करोड़ पर रहा। यह ट्रेंड बताता है कि कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, FY26 के पहले नौ महीनों में नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में 16.2% की गिरावट दर्ज की गई है।

वैल्यूएशन और विश्लेषकों की राय

अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में RVNL का वैल्यूएशन काफी महंगा दिख रहा है। फरवरी 2026 की शुरुआत में, RVNL का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो लगभग 57.01 था। इसकी तुलना में IRCON International का P/E रेशियो लगभग 22.9-25.4 और RITES Ltd का 23.72-37.2 के आसपास था। इतना ऊंचा P/E रेशियो यह संकेत देता है कि बाजार भविष्य में कंपनी से बहुत बड़ी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, जो कि मौजूदा मार्जिन दबाव को देखते हुए मुश्किल हो सकती है। इन चिंताओं के चलते, कई एनालिस्ट्स ने RVNL पर 'SELL' की सलाह दी है और उनके टारगेट प्राइस मौजूदा बाजार भाव से काफी नीचे हैं।

सेक्टर में सरकारी निवेश और आगे की राह

भारतीय रेलवे सेक्टर को सरकार से लगातार मजबूत समर्थन मिल रहा है। यूनियन बजट 2025-26 में रेलवे के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के लिए रिकॉर्ड ₹2,62,200 करोड़ आवंटित किए गए हैं। 2030 तक रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए ₹5.4 लाख करोड़ के निवेश की योजना है। RVNL के पास इस तरह के ट्रैक्शन सबस्टेशन प्रोजेक्ट्स का अच्छा अनुभव है, जिसमें मार्च 2025 में सेंट्रल रेलवे से ही ₹115.79 करोड़ का एक समान ऑर्डर शामिल है।

जोखिम और उम्मीदें

हालांकि RVNL के पास भविष्य की आय के लिए एक मजबूत ऑर्डर बुक है और 'अन्य आय' (जैसे Q3 FY26 में ₹252 करोड़ और FY25 में ₹1,019 करोड़) भी वित्तीय नतीजों को सहारा दे रही है, लेकिन उच्च P/E रेशियो, मार्जिन पर दबाव और एनालिस्ट्स की 'SELL' रेटिंग निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कंपनी को अपने वैल्यूएशन को सही ठहराने और एनालिस्ट्स की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना होगा और खर्चों को नियंत्रित करना होगा।

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