सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के मुताबिक, रेल मंत्रालय ने 2007 से 2023 के बीच मंत्रियों के लिए 33 चार्टर उड़ानों पर करीब **₹8.9 करोड़** खर्च किए हैं। यह खुलासा मंत्रियों के यात्रा खर्चों के दस्तावेजीकरण और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
रेल मंत्रालय के हवाई सफर का सच
सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आई जानकारी ने रेल मंत्रालय के हवाई सफर पर होने वाले खर्चों पर से पर्दा उठाया है। साल 2007 से 2023 तक, यानी पिछले 16 सालों में, मंत्रालय ने अपने मंत्रियों के लिए 33 चार्टर उड़ानों पर लगभग ₹8.9 करोड़ का भुगतान किया है।
किसने किया कितना खर्च?
मंत्रियों के बीच खर्च का पैटर्न काफी अलग-अलग रहा है। पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने चार यात्राओं के लिए ₹3.01 करोड़ खर्च किए, जो प्रति उड़ान औसतन ₹75 लाख के आसपास है। वहीं, लालू प्रसाद यादव ने 12 बार चार्टर विमान का इस्तेमाल किया, जो सबसे अधिक संख्या है, हालांकि उनका कुल खर्च प्रभु से कम रहा।
वर्तमान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2021 में पदभार संभालने के बाद से केवल एक बार चार्टर विमान का उपयोग किया है। 2023 में बालासोर ट्रेन दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए की गई इस यात्रा पर ₹25 लाख खर्च हुए थे।
बुकिंग का बदला तरीका
शुरुआती दौर में, मंत्रालय भारतीय वायु सेना (IAF) या सीमा सुरक्षा बल (BSF) के विमानों का इस्तेमाल करता था। लेकिन 2018 में एक बड़ा बदलाव हुआ जब बुकिंग की जिम्मेदारी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) को सौंप दी गई। पीयूष गोयल के कार्यकाल के दौरान, 2018 से 2020 तक, IRCTC के माध्यम से आठ चार्टर यात्राएं हुईं, जिनमें करीब ₹39 लाख खर्च हुए।
पारदर्शिता पर सवाल
शुरुआती रिकॉर्ड में यात्रा के कारण स्पष्ट रूप से दर्ज होते थे, जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा या दुर्घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया। लेकिन हाल के वर्षों में, यात्राओं के कारणों को सिर्फ 'आधिकारिक' या 'विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रम' बताकर छोड़ दिया गया है, जिससे कुछ महंगी यात्राओं के औचित्य का पता लगाना मुश्किल हो गया है।
यह खुलासा सरकारी खर्चों में पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करता है। यात्राओं की लागत में भारी अंतर और कुछ यात्राओं के लिए विस्तृत दस्तावेजीकरण की कमी, प्रशासनिक यात्राओं के लिए चार्टर विमानों को बुक करने के मानदंडों पर सवाल उठाती है। सार्वजनिक धन के उपयोग के लिए स्पष्ट औचित्य और लगातार रिपोर्टिंग वित्तीय जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण हैं।
