Porter की कमाई में बंपर उछाल! FY26 में रेवेन्यू ₹6,649 करोड़, नेट प्रॉफिट ₹229 करोड़ पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Porter की कमाई में बंपर उछाल! FY26 में रेवेन्यू ₹6,649 करोड़, नेट प्रॉफिट ₹229 करोड़ पार

लॉजिस्टिक्स टेक प्लेटफॉर्म Porter ने वितीय साल 2026 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **54%** बढ़कर **₹6,649 करोड़** हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट चार गुना बढ़कर **₹229 करोड़** तक पहुंच गया। यह लगातार दूसरा साल है जब कंपनी ने प्रॉफिट कमाया है, हालांकि, उसे Uber और Delhivery जैसे दिग्गजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

शानदार ₹6,649 करोड़ का रेवेन्यू और ₹229 करोड़ का मुनाफा

बेंगलुरु स्थित लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी फर्म Porter ने FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹6,649 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 54% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। खास बात यह है कि यह लगातार पांचवां साल है जब Porter ने 50% से अधिक की ग्रोथ रेट बनाए रखी है।

प्रॉफिट में 4 गुना इजाफा, EBITDA में भी बड़ा उछाल

31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹229 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग चार गुना ज्यादा है। इस प्रॉफिट ग्रोथ में ₹32 करोड़ के डेफ़र्ड टैक्स बेनिफिट का भी योगदान रहा। वहीं, कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पिछले साल के ₹48 करोड़ से बढ़कर ₹159 करोड़ हो गया, यानी इसमें तीन गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

बढ़ती लागतें और प्रतिस्पर्धा की चुनौती

हालांकि, रेवेन्यू और प्रॉफिट में इजाफे के बावजूद, Porter को अपनी ऑपरेशनल लागतों को कंट्रोल करने में अभी भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। फ्लीट ऑपरेटरों को दिया जाने वाला भुगतान, जो कंपनी का सबसे बड़ा खर्च है, FY26 में 58% बढ़कर ₹5,849 करोड़ हो गया। Porter 50 से अधिक शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है और जैसे-जैसे कंपनी अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है, फ्लीट से जुड़ी लागतों पर नियंत्रण रखना भविष्य के प्रॉफिट मार्जिन के लिए अहम होगा।

लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कड़ा मुकाबला

Porter मुख्य रूप से छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (MSMEs) को लास्ट-माइल डिलीवरी, पार्सल मूवमेंट और इंटर-सिटी रीलोकेशन जैसी सेवाएं प्रदान करती है। पिछले 15-18 महीनों में लॉजिस्टिक्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ी है। Uber बड़े ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए एग्रीगेशन मार्केट में अपनी पैठ बढ़ा रहा है, वहीं Rapido, Borzo और Delhivery (अपने Delhivery Direct सर्विस के साथ) टू-व्हीलर और हाइपरलोकल पार्सल डिलीवरी स्पेस में Porter को सीधी टक्कर दे रहे हैं।

आगे के जोखिमों पर नजर

Porter एक प्राइवेट कंपनी है और स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं है, लेकिन 2025 में $300 मिलियन की फंडिंग राउंड के बाद $1.2 बिलियन के वैल्यूएशन पर पहुंचने के कारण निवेशकों की इस पर नजर बनी हुई है। कंपनी की भविष्य की ग्रोथ कई बाहरी फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। इसमें गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी जैसे प्रस्तावित कानून का असर शामिल हो सकता है, जो ऑपरेशनल लागत को बढ़ा सकता है। साथ ही, कंपनी को आक्रामक विस्तार और इंडस्ट्री में चल रही प्राइसिंग व सर्विस की प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.