PNC Infratech Share Price: NHAI के नोटिस से शेयर **5%** लुढ़का, टोल कलेक्शन पर लगी रोक

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AuthorMehul Desai|Published at:
PNC Infratech Share Price: NHAI के नोटिस से शेयर **5%** लुढ़का, टोल कलेक्शन पर लगी रोक

PNC Infratech के शेयरों में आज **5%** की भारी गिरावट दर्ज की गई। वजह है नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर आई स्ट्रक्चरल डैमेज को लेकर जारी किया गया शो-कॉज नोटिस। NHAI ने टोल कलेक्शन पर रोक लगा दी है और पेनल्टी लगाने का भी प्रस्ताव दिया है। कंपनी ने कहा है कि रिपेयर का काम चल रहा है और इसमें करीब **₹3 करोड़** का खर्चा आएगा, जिसका कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

NHAI ने क्यों भेजा नोटिस?

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने PNC Infratech की सब्सिडियरी Awadh Expressway Private Ltd को हाल ही में इनॉगरेशन हुए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर स्ट्रक्चरल डैमेज को लेकर एक शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

क्या है एक्सप्रेस-वे पर समस्या?

मामला एक्सप्रेस-वे के करीब 300 मीटर लंबे स्ट्रेच में आई स्लिपेज का है, जो कि भारी और लगातार बारिश के कारण हुआ। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, NHAI ने रिपेयर पूरा होने और सड़क के सुरक्षित घोषित होने तक इस प्रोजेक्ट पर टोल कलेक्शन को सस्पेंड कर दिया है।

NHAI के प्रस्तावित एक्शन

रेगुलेटर ने इस मामले में कुछ एक्शन लेने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें प्रोजेक्ट की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी से 2% की कटौती भी शामिल है। इसके अलावा, 3 साल तक प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ टेक्निकल स्टाफ को डीबार करने और प्रोजेक्ट की पेमेंट कंडीशन इंडेक्स (Pavement Condition Index) रेटिंग को डाउनग्रेड करने का भी सुझाव दिया गया है।

कंपनी का क्या कहना है?

PNC Infratech ने एक्सचेंज फाइलिंग में साफ किया है कि उन्हें किसी भी तरह से डीबार या नॉन-परफॉर्मर घोषित नहीं किया गया है। कंपनी का अनुमान है कि इस रिपेयर का खर्चा लगभग ₹3 करोड़ आएगा, जिसे कंपनी अपने मौजूदा मेंटेनेंस ऑब्लिगेशन्स के तहत मैनेज कर सकती है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह डैमेज एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई का 0.5% से भी कम है और इससे कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी या नए प्रोजेक्ट्स पर असर नहीं पड़ेगा।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

यह घटना निवेशकों के लिए दो अहम बातें बताती है। पहला, टोल कलेक्शन का सस्पेंशन इस प्रोजेक्ट से होने वाली रेवेन्यू में अस्थायी कमी लाता है, जिसकी अवधि रेस्टोरेशन की स्पीड पर निर्भर करेगी। दूसरा, हालांकि कंपनी का कहना है कि इससे भविष्य के टेंडर्स पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन लंबी अवधि में NHAI द्वारा प्रस्तावित पेनल्टी, खासकर स्टाफ डीबारमेंट, को सख्ती से लागू करने पर कंपनी की रेपुटेशन पर असर पड़ सकता है। रेगुलेटर का यह कदम रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए क्वालिटी एश्योरेंस और ओवरसाइट को और सख्त बनाने का संकेत देता है। निवेशक शो-कॉज प्रोसीडिंग्स के फाइनल आउटकम, एक्सप्रेस-वे की रेस्टोरेशन टाइमलाइन और टोल कलेक्शन फिर से शुरू होने की तारीख पर नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.