प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर भारत के विकास को नई रफ्तार देने के लिए ₹24,800 करोड़ से ज़्यादा की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का लोकार्पण किया है। इन परियोजनाओं में हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, रेलवे का आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार शामिल है।
हरियाणा और चंडीगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस
कुल आवंटन का एक बड़ा हिस्सा, करीब ₹14,700 करोड़, हरियाणा के लिए रखा गया है। यहां दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के हिस्सों का उद्घाटन किया गया, जिससे प्रमुख उत्तरी शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा, अंबाला-काला अंब और जींद-गोहाना हाईवे प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दिखाई गई है।
रेलवे के क्षेत्र में, जींद-सोनीपत रूट पर भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को रवाना किया गया। यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर चलती है और केवल पानी की भाप छोड़ती है, जो भारतीय रेलवे के लिए हरित परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वहीं, चंडीगढ़ में ₹4,700 करोड़ से अधिक का खर्च स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किया गया है। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में नए हॉस्टल ब्लॉक भी बनाए गए हैं।
पंजाब में रेल और सड़क का विस्तार
पंजाब को ₹5,470 करोड़ से ज़्यादा की परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसमें मुख्य रूप से रेलवे का आधुनिकीकरण शामिल है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, जालंधर कैंट सहित 75 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। दौलतपुर चौक-करतौली लाइन का उद्घाटन कर रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत किया गया है, जिसकी लागत ₹830 करोड़ आई है।
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पैकेज-6 का उद्घाटन और सदर्न लुधियाना बाईपास का निर्माण कार्य शुरू किया गया है।
ये सभी परियोजनाएं उत्तर भारत में माल और यात्रियों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद करेंगी। निवेशकों के लिए, इन परियोजनाओं का सफल कार्यान्वयन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि लंबे समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
