सरकार ने 'OneTag' सिस्टम लॉन्च किया है, जिससे FASTag यूजर्स अब बिना फिजिकल RFID स्टिकर बदले अपना बैंक बदल सकेंगे। इस सुविधा का लाभ 'Rajmargyatra' ऐप के जरिए मिलेगा, जिससे **13 करोड़** से ज्यादा FASTag यूजर्स को बड़ी राहत मिलेगी।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 'OneTag' सिस्टम को पेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य करोड़ों वाहन मालिकों के लिए FASTag मैनेजमेंट को आसान बनाना है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 11 सितंबर, 2026 को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में इस सेवा का अनावरण किया।
कैसे काम करेगा OneTag?
अब तक FASTag प्रोवाइडर बदलने का मतलब था पुराना अकाउंट बंद करना और नया RFID टैग लगवाना। 'OneTag' के साथ अब आप अपना मौजूदा फिजिकल टैग, टैग आईडी और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर वही रख सकते हैं, बस बैकएंड पर अपना बैंक बदल सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया सरकारी 'Rajmargyatra' मोबाइल ऐप के माध्यम से होगी, जिसे IHMCL और NPCI द्वारा सपोर्ट किया जा रहा है। यह सुविधा बिल्कुल टेलीकॉम सेक्टर में मिलने वाली 'मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी' जैसी है।
बैंक स्विचिंग का प्रोटोकॉल
सिस्टम यह भी सुनिश्चित करता है कि बैंक बदलने की प्रक्रिया में कोई वित्तीय गड़बड़ी न हो। बैंक ट्रांसफर के दौरान, पिछला बैंक पुराने वॉलेट में लंबित लेनदेन, रिफंड या बकाया राशि को निपटाने के लिए जिम्मेदार रहेगा। इससे यूजर्स को किसी भी तरह की फाइनेंशियल परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हाईवे सफर का भविष्य
राष्ट्रीय राजमार्गों पर FASTag का उपयोग अब 98% से अधिक है। वन-टैग न केवल यूजर्स का अनुभव बेहतर करेगा, बल्कि फिजिकल स्टिकर की छपाई और वितरण की लॉजिस्टिक बर्बादी को भी कम करेगा। सरकार की भविष्य की योजनाओं में अब बैरियर-फ्री टोलिंग और लोकलाइज्ड पास जैसे सुधार शामिल हैं, जो हाईवे यात्रा को और अधिक सुगम बनाएंगे।
