एनालिस्ट्स का रुख बदला, शेयर गिरे
Ola Electric Mobility के शेयर में भारी गिरावट का सिलसिला जारी है। कई बड़े ब्रोकरेज हाउसों ने कंपनी के शेयर पर अपना भरोसा कम कर दिया है। Citigroup ने जहां अपनी रेटिंग 'Buy' से घटाकर 'Sell' कर दी है, वहीं टारगेट प्राइस में 51% की भारी कटौती कर उसे ₹27 कर दिया है। Emkay Global Financial Services ने भी 'Sell' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 60% घटाकर ₹20 कर दिया है। Kotak Securities ने भी 'Sell' की सलाह के साथ लक्ष्य ₹20 तय किया है। कुल मिलाकर, 8 में से 6 एनालिस्ट्स अब Ola Electric के शेयर बेचने की सलाह दे रहे हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ग्रोथ उम्मीद से धीमी है, और पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर GST में कमी से उनकी कीमतों का अंतर कम हो गया है, जिससे EV का आकर्षण कम हुआ है। इस बीच, कंपनी के CEO, Bhavish Aggarwal को लेकर आए अरेस्ट वारंट पर बॉम्बे हाई कोर्ट (Goa Bench) ने फिलहाल रोक लगा दी है।
मार्केट शेयर में भारी सेंध, पुरानी कंपनियों का दबदबा बढ़ा
सिर्फ एनालिस्ट्स की राय ही नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत भी Ola Electric के लिए चिंताजनक है। जो Ola Electric कभी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में एक तिहाई से भी ज़्यादा हिस्सेदारी रखती थी, उसका मार्केट शेयर अब घटकर सिर्फ 6-7.5% रह गया है। वहीं, पुरानी ऑटोमोबाइल कंपनियां जैसे TVS Motor, Bajaj Auto और Hero MotoCorp ने इस सेगमेंट में बड़ी पैठ बना ली है। जनवरी 2026 तक, TVS Motor के पास 28%, Bajaj Auto के पास 21% और Hero MotoCorp के पास 11% मार्केट शेयर है, यानी इन तीनों का कुल मार्केट शेयर 60% को पार कर गया है। यह साफ दिखाता है कि अब मार्केट में वैल्यूएशन (Valuation) के मामले में भी Ola Electric पिछड़ रही है, जहां वह अभी भी भारी नुकसान में है, वहीं उसके कॉम्पिटिटर्स मुनाफे में ट्रेड कर रहे हैं।
तिमाही नतीजे डराने वाले: रेवेन्यू और डिलीवरी में भारी गिरावट
हाल ही में आए कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे तो और भी डराने वाले हैं। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 55% घटकर मात्र ₹470 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹1,045 करोड़ था। इसी तरह, डिलीवरी (Delivery) के मामले में भी 61% की भारी गिरावट आई, जहां कंपनी ने पिछले साल 84,029 यूनिट बेची थीं, वहीं इस बार सिर्फ 32,680 यूनिट बिकीं। कंपनी को ₹487 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है। इसके अलावा, कंपनी का कैश बर्न (Cash Burn) भी चिंता का विषय है और बैलेंस शीट पर कर्ज बढ़ता दिख रहा है।
भविष्य की राह मुश्किल: चुनौतियाँ और अनुमान
ओवरऑल ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में 2026-27 के लिए ग्रोथ का अनुमान है, लेकिन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में कुछ चुनौतियां हैं। जैसा कि पहले बताया गया, पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर GST में कमी ने EV की कीमतों के मुकाबले उनकी बढ़त को कम कर दिया है। हालांकि, लंबे समय में EV की पैठ बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल नए प्लेयर्स के लिए यह एक मुश्किल दौर है, जहां स्थापित कंपनियां अपने बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, डीलर नेटवर्क और सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठा रही हैं।
कुल मिलाकर, Ola Electric का भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में शेयर की कीमत ₹37.50 के आसपास रह सकती है (जो ₹20 से ₹55 के बीच है)। कंपनी के शेयर 2025 में ही करीब 60-62% गिर चुके हैं और अपने ऑल-टाइम हाई से 80% से ज़्यादा टूट चुके हैं। अब कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह वॉल्यूम की गिरावट को कैसे रोके, अपनी ऑपरेशंस को कैसे बेहतर करे और बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच मुनाफा कैसे कमाए।