रेवेन्यू में भारी गिरावट और बढ़ता घाटा
Ola Consumer (जो पहले Ola Cabs के नाम से जानी जाती थी) ने FY25 के लिए अपने ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 42% की भारी गिरावट दर्ज की है। यह ₹2,012 करोड़ से घटकर ₹1,171 करोड़ रह गया। इसके साथ ही, कंपनी का ऑपरेशनल लॉस भी पिछले साल के ₹329 करोड़ से दोगुना होकर ₹662 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी के मुख्य मोबिलिटी सेगमेंट का रेवेन्यू अकेले 47% से ज्यादा गिरकर ₹925 करोड़ हो गया। यह सब तब हो रहा है जब भारतीय राइड-हेलिंग मार्केट में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। इन नतीजों के बीच, कंपनी पर फाइनेंशियल फाइलिंग में देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ज़ोरदार प्रतिस्पर्धा का असर
Ola Consumer की यह हालत प्रतिद्वंद्वियों के आक्रामक ग्रोथ के कारण है। खासकर Rapido ने बाज़ार में अपनी पकड़ मजबूत की है। Rapido ने FY25 में ₹934 करोड़ का रेवेन्यू कमाया और अपने घाटे को घटाकर ₹258 करोड़ कर लिया। Rapido अब चार-पहिया सेगमेंट में लगभग 22% मार्केट शेयर रखती है, साथ ही बाइक टैक्सी में 70% और ऑटो-रिक्शा में 40% की हिस्सेदारी रखती है। ओवरऑल राइड-हेलिंग मार्केट में Rapido का शेयर 50% अनुमानित है, जो Uber और Ola दोनों से आगे है। वहीं, Uber ने भारत में लगभग ₹3,000 करोड़ का निवेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है और चार-पहिया सेगमेंट में उसका शेयर करीब 45% है। नतीजतन, Ola का चार-पहिया मार्केट शेयर दो साल पहले 50% से ऊपर से घटकर अब अनुमानित 20-25% रह गया है।
वित्तीय दबाव और नकदी की कमी
कंपनी की वित्तीय रिपोर्टें काफी दबाव दिखाती हैं। Ola Consumer ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक कुल ₹21,213 करोड़ का घाटा जमा किया है। कंपनी के कैश रिजर्व में भी भारी कमी आई है। मार्च 2025 तक कुल कैश और बैंक बैलेंस ₹1,394.8 करोड़ से घटकर ₹652.8 करोड़ रह गया। FY25 में कंपनी ने ऑपरेशनल कैश के रूप में ₹742 करोड़ खर्च कर दिए। FY25 का कंसॉलिडेटेड लॉस ₹1,974.7 करोड़ रहा, जिसमें Ola Electric के शेयर्स की घटती वैल्यू के कारण ₹1,312 करोड़ की कमी शामिल है। यह स्थिति Ola के ऑपरेशनल ट्रांसपेरेंसी और स्ट्रेटेजिक एग्जीक्यूशन पर सवाल खड़े करती है, खासकर FY25 की फाइनेंशियल फाइलिंग में छह महीने की देरी को देखते हुए। Ola की कैश पोजीशन एक बड़ी कमजोरी दिख रही है, जिससे कंपनी के लिए प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करने के लिए जरूरी इंसेंटिव या स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट को फंड करना मुश्किल हो सकता है।
आगे का रास्ता
ज़रूरी कैपिटल जुटाने के लिए, Ola Consumer कथित तौर पर अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की योजना बना रही है। हालांकि, मार्च 2025 तक कंपनी की नेट वर्थ 57% घटकर ₹1,490 करोड़ रह गई है, जिससे एक सफल पब्लिक लिस्टिंग की राह मुश्किल हो सकती है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, बाज़ार में अपनी गिरी हुई हिस्सेदारी को वापस पाने के लिए Ola को ड्राइवर इंसेंटिव और कंज्यूमर प्रमोशन्स पर भारी निवेश करना होगा। निवेशक तभी भरोसा दिखाएंगे जब Ola एक स्पष्ट प्रॉफिटेबिलिटी स्ट्रेटेजी पेश कर पाएगी।
