Ashok Leyland की सब्सिडियरी कंपनी OHM Global Mobility ने चेन्नई की सड़कों पर **130** नई इलेक्ट्रिक बसें उतारी हैं। यह **500** बसों के बड़े कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा है, जो राज्य के ग्रीन ट्रांजिट प्रोग्राम को नई रफ्तार देगा।
ग्रीन मोबिलिटी की ओर बड़ा कदम
हिंदुजा ग्रुप की ई-मोबिलिटी इकाई OHM Global Mobility ने तमिलनाडु में अपने ऑपरेशंस का विस्तार करते हुए चेन्नई में 130 एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें तैनात की हैं। यह तैनाती Metropolitan Transport Corporation (MTC) के साथ हुए 500 बसों के कुल कॉन्ट्रैक्ट का पहला चरण है। कंपनी का दावा है कि उनका इलेक्ट्रिक फ्लीट अब तक 3 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा चल चुका है, जो उनकी सर्विस रिलायबिलिटी को दर्शाता है।
कैसे काम करता है यह बिजनेस मॉडल?
निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि इन बसों को Ashok Leyland की एक अन्य इकाई Switch Mobility द्वारा बनाया गया है। कंपनी यहां Gross Cost Contract (GCC) मॉडल का इस्तेमाल कर रही है। इसमें राज्य परिवहन विभाग बस ऑपरेटर को एक फिक्स्ड फीस देता है, जबकि कैपिटल इन्वेस्टमेंट, मेंटेनेंस और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी ऑपरेटर की होती है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
चूंकि OHM Global Mobility एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसके शेयर सीधे बाजार में नहीं मिलते। हालांकि, इसका सारा फाइनेंशियल इम्पैक्ट पैरेंट कंपनी Ashok Leyland की बैलेंस शीट पर नजर आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल में रेवेन्यू तो तय होता है, लेकिन सरकारी विभागों से मिलने वाले पेमेंट में देरी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का मेंटेनेंस कॉस्ट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि कंपनी बचे हुए 370 बसों के ऑर्डर को कितनी तेजी से डिलीवर करती है और बढ़ती कॉम्पिटिशन के बीच अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
