एयरपोर्ट तैयार, उड़ानें शुरू होने वाली हैं
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू के ऐलान के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) अब जल्द ही हवाई यातायात के लिए खुल जाएगा। यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जिस पर ₹11,200 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया गया है, पहले चरण में सालाना 12 मिलियन (1.2 करोड़) यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा। भविष्य में इसकी पूरी क्षमता 70 मिलियन (7 करोड़) यात्री सालाना तक पहुंचाने की योजना है।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की झलक
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत विकसित किया गया है। पहले चरण में 3,900 मीटर लंबा रनवे तैयार है, जो बड़े चौड़े बॉडी वाले जेट विमानों को भी उतारने में सक्षम है। एयरपोर्ट पर एडवांस नेविगेशन सिस्टम और एयरफील्ड लाइटिंग के साथ-साथ इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।
वहीं, एयरपोर्ट का टर्मिनल 137,985 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है और इसमें 48 चेक-इन काउंटर बनाए गए हैं। 'DXN' कोड वाले इस एयरपोर्ट का प्रबंधन ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी (Zurich Airport International AG) की सब्सिडियरी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (Yamuna International Airport Pvt Ltd) करेगी।
संचालन की तैयारी पूरी
हाल ही में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से एरोड्रम लाइसेंस मिल गया है, जो इसके संचालन के लिए पूरी तरह तैयार होने का प्रमाण है। पहले चरण में एयरपोर्ट पीक आवर्स (Peak Hours) के दौरान प्रति घंटे 30 उड़ानों को संभाल सकता है, और इसके लिए 28 एयरक्राफ्ट स्टैंड उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, एयरपोर्ट पर एक डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल भी है, जिससे सालाना करीब 2.5 लाख टन कार्गो की आवाजाही होने की उम्मीद है। साथ ही, 40 एकड़ से अधिक जमीन मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं के लिए भी आरक्षित रखी गई है। खासकर, आकासा एयर (Akasa Air) ने यहां अपनी MRO यूनिट स्थापित करने पर सहमति जताई है।