New Mangalore Port: कार्गो कारोबार बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा कदम, कंटेनर फीस पर **50%** तक की भारी कटौती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
New Mangalore Port: कार्गो कारोबार बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा कदम, कंटेनर फीस पर **50%** तक की भारी कटौती

New Mangalore Port Authority ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक नई स्कीम पेश की है। इसके तहत **31 मार्च 2027** तक कंटेनर जहाजों के लिए फीस में **50%** तक की भारी छूट दी जा रही है, जिसका सीधा असर कर्नाटक के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम पर पड़ेगा।

रियायती दरों का नया दौर

New Mangalore Port Authority (NMPA) ने कंटेनर ट्रैफिक को आकर्षित करने के लिए एक आक्रामक रणनीति अपनाई है। 3 नवंबर 2026 से प्रभावी यह योजना 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगी। इसके तहत मेनलाइन कंटेनर जहाजों पर 50% और फीडर जहाजों पर 35% का भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है। यह छूट बर्थ हायर, पोर्ट ड्यूज और पायलट जैसे बुनियादी शुल्कों पर लागू होगी, हालांकि बंकरिंग जैसी सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

यह कदम पड़ोसी पोर्ट्स से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच एक रणनीतिक बचाव के रूप में देखा जा रहा है। कर्नाटक के एक्सपोर्टर्स और इंपोर्टर्स के लिए इस पोर्ट को एक पसंदीदा 'गेटवे' बनाए रखने के लिए लागत को कम करना जरूरी था। लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर्स लगातार यह चिंता जता रहे थे कि ऊंची लागत के चलते कार्गो दूसरे पोर्ट्स की ओर शिफ्ट हो सकता है।

प्राइवेट ऑपरेटर्स और मार्केट पर असर

हालांकि NMPA एक सरकारी संस्थान है, लेकिन इसके फैसलों का असर JSW Mangalore Container Terminal Private Limited जैसे प्राइवेट पार्टनर और पूरे लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ता है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस छूट से पोर्ट के कंटेनर थ्रूपुट (Throughput) में वाकई इजाफा होता है या फिर यह महज एक अस्थायी राहत बनकर रह जाएगी। साथ ही, यह देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या अन्य पड़ोसी पोर्ट्स भी ऐसी कोई 'प्राइस वॉर' छेड़ते हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.