Navi Mumbai Airport: मिडिल ईस्ट टेंशन और फ्यूल महंगा! इंटरनेशनल फ्लाइट्स की लॉन्चिंग टली

TRANSPORTATION
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Navi Mumbai Airport: मिडिल ईस्ट टेंशन और फ्यूल महंगा! इंटरनेशनल फ्लाइट्स की लॉन्चिंग टली
Overview

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और जेट फ्यूल की आसमान छूती कीमतों के चलते, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शुरू होने में देरी हो गई है। इसके कारण, **29 मार्च** से इंडिगो (IndiGo) की नियोजित अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को फिलहाल टाल दिया गया है।

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क्यों टली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत?

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लॉन्च को फिलहाल अनिश्चित काल के लिए टाल दिया है। इसका सीधा कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष है, जिसके चलते एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। ये बढ़ी हुई कीमतें फिलहाल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने के लिए आर्थिक रूप से मुश्किल बना रही हैं।

घरेलू उड़ानें जारी, एक्सपेंशन ट्रैक पर

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी के बावजूद, एयरपोर्ट का घरेलू सेगमेंट (Domestic Segment) मजबूती से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में, यहां हर दिन 156 उड़ानें संचालित हो रही हैं, जिनमें औसतन 170 यात्री प्रति उड़ान सफर कर रहे हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन को उम्मीद है कि साल के अंत तक दैनिक यात्रियों की संख्या 50,000 तक पहुंच सकती है।

Adani Group का बड़ा निवेश जारी

एयरपोर्ट का विशाल विस्तार (Expansion) भी तय समय पर चल रहा है। Adani Group, जो इस प्रोजेक्ट पर करीब ₹80,000 करोड़ का निवेश कर रहा है, अपनी योजनाओं के अनुसार आगे बढ़ रहा है। इस निवेश में एक नया टर्मिनल भी शामिल है, जिसकी क्षमता 50 मिलियन यात्रियों को संभालने की होगी। Adani Group का लक्ष्य 2030 तक अपने पोर्टफोलियो में 200 मिलियन से अधिक यात्रियों को सेवा देना है।

सरकार से VAT कटौती की मांग

ऑपरेशनल खर्चों को नियंत्रित करने के लिए, एयरपोर्ट प्रबंधन महाराष्ट्र सरकार से एविएशन फ्यूल पर लगने वाले वैट (VAT) को 18% से घटाकर 1% करने की मांग कर रहा है। ग्लोबल जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है, जिससे ATF की लागत बढ़ रही है। यह कटौती एयरलाइंस और एयरपोर्ट दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

भविष्य की राह

the airport management 2026 के अंत तक 50,000 दैनिक घरेलू यात्रियों तक पहुंचने को लेकर आशावादी है। मानसून के बाद एक दूसरे टर्मिनल का निर्माण शुरू होने वाला है, जो सालाना यात्री क्षमता को 20 मिलियन से बढ़ाकर 50 मिलियन कर देगा। अंततः, लक्ष्य 90 मिलियन यात्रियों को संभालना है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की वापसी भू-राजनीतिक स्थिरता और ईंधन की बेहतर कीमतों पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.