Navi Mumbai International Airport में कामकाज की भारी दिक्कतों के चलते Challenge Group और Lufthansa Cargo जैसी एयरलाइन्स ने अपनी सेवाएं रोक दी हैं। अब एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने मैनपावर बढ़ाने और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) फिलहाल एक गंभीर दौर से गुजर रहा है। Adani Group द्वारा प्रबंधित इस एयरपोर्ट पर स्किल्ड स्टाफ की कमी और ग्राउंड-हैंडलिंग उपकरणों के अभाव के कारण कार्गो मूवमेंट में भारी देरी हो रही थी, जिसके चलते कई ग्लोबल एयरलाइन्स ने अपना ऑपरेशन रोक दिया है।
इस संकट की मुख्य वजह
यह समस्या मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) के रिडेवलपमेंट के कारण शुरू हुई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 1 अक्टूबर, 2026 से इंटरनेशनल कार्गो ट्रैफिक का एक बड़ा हिस्सा नवी मुंबई शिफ्ट करने का आदेश दिया था। हालांकि, बुनियादी ढांचे की तैयारी पूरी न होने के कारण यह ट्रांजिशन काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
एयरलाइन्स का भरोसा कम
संकट तब और बढ़ गया जब माल्टा स्थित Challenge Group ने खराब सर्विस स्टैंडर्ड्स का हवाला देते हुए अपनी फ्रीटर सेवाएं बंद कर दीं। Lufthansa Cargo और अन्य प्लेयर्स ने भी अपने शिपमेंट को दूसरे हब की ओर मोड़ दिया है। IATA ने भी इसे एयरपोर्ट की क्षमता से बाहर की 'जबरन रिलोकेशन' बताया है।
मैनेजमेंट का रिकवरी प्लान
दबाव के बीच मैनेजमेंट ने अब रिकवरी मोड ऑन कर दिया है:
- हायरिंग: ग्राउंड-हैंडलिंग स्टाफ की भर्ती तेजी से की जा रही है।
- डिजिटल अपडेट: रियल-टाइम क्लीयरेंस डेटा के लिए नए डिजिटल प्रोटोकॉल शुरू किए गए हैं।
- राहत पैकेज: लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राहत देने के लिए 15 अक्टूबर तक डेमरेज चार्जेस (Demurrage charges) में अस्थायी छूट दी गई है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये सुधारात्मक कदम एयरलाइन्स का भरोसा वापस जीत पाएंगे और क्या जल्द ही कार्गो सेवाएं सामान्य हो सकेंगी।
