National High Speed Rail Corporation (NHSRCL) ने अहमदाबाद में साबरमती नदी पर **480 मीटर** लंबा पुल पूरा कर लिया है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब **62%** पूरा हो चुका है और गुजरात में **21** में से **18** पुलों का निर्माण कार्य संपन्न हो गया है।
तकनीक का कमाल
इस पुल की ऊंचाई 36 मीटर है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि बुलेट ट्रेन अहमदाबाद-दिल्ली मुख्य रेलवे लाइन के ऊपर से सुरक्षित निकल सके। निर्माण के लिए इंजीनियरों ने 'बैलेंस्ड कैंटिलीवर मेथड' (Balanced Cantilever Method) का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें नदी के बीच में कम खंभों की जरूरत पड़ती है, क्योंकि इसमें 76 मीटर लंबे स्पैन का उपयोग किया गया है।
इंफ्रा सेक्टर पर असर
NHSRCL एक नॉन-लिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसमें सीधे निवेश का विकल्प नहीं है। लेकिन, इस प्रोजेक्ट की रफ्तार का असर देश के सीमेंट, स्टील और भारी निर्माण क्षेत्र से जुड़ी लिस्टेड कंपनियों पर पड़ता है। इन कंपनियों को बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स से भारी डिमांड और ऑर्डर्स मिलते हैं।
रिस्क और चुनौतियां
इन्वेस्टर्स और बाजार के जानकारों की नजर इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन पर बनी रहती है। इतने बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में कॉस्ट ओवररन (Cost Overrun), इंजीनियरिंग जटिलताएं और देरी का रिस्क हमेशा बना रहता है। फिलहाल, प्रोजेक्ट का काम तेज गति से चल रहा है और अब पूरा फोकस बाकी बचे हुए पुलों और स्टेशन निर्माण के काम को समय पर पूरा करने पर है।
