National Highways Authority of India (NHAI) अपनी 1033 इमरजेंसी हेल्पलाइन को अब हाई-टेक बनाने जा रही है। कंपनी इस सिस्टम में Artificial Intelligence (AI) और रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग को शामिल कर रही है, ताकि हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों को समय पर मदद मिल सके।
हाई-टेक होगा हाईवे का सफर
NHAI का लक्ष्य अपने मौजूदा इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को पूरी तरह से आधुनिक बनाना है। इस समय यह हेल्पलाइन रोजाना करीब 15,000 कॉल मैनेज करती है, जो देश के 1.46 लाख किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे नेटवर्क पर फैले हैं। इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने इसके लिए प्राइवेट पार्टनर्स से आवेदन मांगे हैं।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य राइड-हेलिंग और क्विक कॉमर्स कंपनियों की तरह 'हाई-वेलोसिटी लॉजिस्टिक मॉडल' अपनाना है। इससे एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग वाहनों को दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में कम समय लगेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसकी आखिरी तारीख 26 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
सरकारी स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव
NHAI अब धीरे-धीरे मार्केट बोरिंग से हटकर बजट सपोर्ट और एसेट मोनेटाइजेशन पर जोर दे रही है। यह कदम ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। हालांकि AI का इस्तेमाल डाटा रूटिंग के लिए होगा, लेकिन अहम फैसले अभी भी इंसानी हाथों में ही रहेंगे। अब देखना यह होगा कि इस महत्वपूर्ण सेवा के लिए प्राइवेट वेंडर्स का चयन कैसे होता है, क्योंकि इमरजेंसी सर्विस का पूरा दारोमदार इन्हीं थर्ड-पार्टी पार्टनर्स पर टिका होगा।
