National Highways Authority of India (NHAI) ने डिजिटल टोल पेमेंट की दिशा में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। FASTag एनुअल पास लेने वाले ग्राहकों की संख्या **1 करोड़** के आंकड़े को पार कर गई है।
1 करोड़ यूजर्स का जादुई आंकड़ा
अगस्त 2025 में लॉन्च की गई यह सुविधा अब तेजी से लोकप्रिय हो रही है। एनुअल पास के तहत, निजी वाहन मालिक केवल ₹3,075 का भुगतान कर एक साल के लिए या 200 टोल क्रॉसिंग तक की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह सर्विस देश भर के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा पर सक्रिय है।
रेवेन्यू मॉडल में बड़ा बदलाव
NHAI इस कदम के साथ पारंपरिक 'पे-एज-यू-गो' (जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान) मॉडल से हटकर सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल की ओर बढ़ रही है। इससे न केवल टोल कलेक्शन में पारदर्शिता आई है, बल्कि कैश फ्लो की भविष्यवाणी करना भी आसान हो गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस पास के लिए कोई नया हार्डवेयर नहीं चाहिए, इसे मौजूदा फास्टैग के साथ ही 'Rajmargyatra' ऐप के जरिए आसानी से लिंक किया जा सकता है।
यात्रा का बदलता अनुभव
अक्सर टोल नाकों पर होने वाली भीड़ को कम करने के लिए यह एक प्रभावी कदम साबित हुआ है। चूंकि यूजर्स को बार-बार अपने डिजिटल वॉलेट का बैलेंस चेक नहीं करना पड़ता, इसलिए पेमेंट फेलियर की समस्या कम हुई है और वाहनों का आवागमन तेज हुआ है। फिलहाल, यह सुविधा केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों के लिए है। जानकारों का मानना है कि भविष्य में अगर इस मॉडल को अन्य वाहन श्रेणियों में विस्तार दिया गया, तो भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में डिजिटल रेवेन्यू का एक नया अध्याय शुरू होगा।
