सड़क निर्माण प्रोजेक्ट्स में भारी लापरवाही और खराब क्वालिटी कंट्रोल के चलते NHAI ने Theme Engineering Services और Ishita Info Solutions को अगले **2 साल** तक के लिए किसी भी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोक दिया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्ती दिखाते हुए दो प्रमुख इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी फर्मों, Theme Engineering Services और Ishita Info Solutions, को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई इन फर्मों द्वारा सड़क परियोजनाओं की निगरानी और क्वालिटी कंट्रोल में बरती गई गंभीर खामियों के बाद की गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
NHAI की इंटरनल जांच में पाया गया कि ये फर्में 'इंडिपेंडेंट इंजीनियर' के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह नाकाम रहीं। एक इंडिपेंडेंट इंजीनियर का काम यह सुनिश्चित करना होता है कि हाइवे का निर्माण तय सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुसार हो। रिपोर्ट के मुताबिक, पेवमेंट कंस्ट्रक्शन, एम्बैंकमेंट स्टेबिलिटी और ड्रेनेज सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की निगरानी में ये फर्में विफल रहीं, जो लंबी अवधि में सड़क की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
इन्वेस्टर और इंडस्ट्री पर असर
इस कदम से साफ है कि सरकार अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जवाबदेही (accountability) को लेकर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। हालांकि इन कंपनियों पर नया काम लेने की रोक लगी है, लेकिन इन्हें अपने मौजूदा प्रोजेक्ट्स के काम को पूरा करना होगा।
इन्वेस्टर्स के लिए यह एक संकेत है कि भविष्य में कंसल्टेंसी फर्मों की कड़ी स्क्रूटनी की जाएगी। कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनियों को अब अपने प्रोजेक्ट मॉनिटर्स का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना होगा, क्योंकि किसी भी प्रकार की लापरवाही का सीधा असर कंपनी की साख और प्रोजेक्ट की डेडलाइन पर पड़ेगा।
