1 अक्टूबर 2026 से Maharashtra State Road Development Corporation ने मुंबई के पांच मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर कमर्शियल वाहनों के लिए टोल बढ़ा दिया है। राहत की बात यह है कि निजी कारों को इस दायरे से बाहर रखा गया है, लेकिन ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स पर बढ़ता खर्च माल ढुलाई (Freight) को महंगा कर सकता है।
नई टोल दरें और बदलाव
Maharashtra State Road Development Corporation (MSRDC) ने मुंबई में प्रवेश करने वाले पांच प्रमुख टोल प्लाजा—ऐरोली, मुलुंड LBS, मुलुंड ईस्टर्न एक्सप्रेसवे, दहिसर और वाशी पर टोल दरों में संशोधन किया है। निजी वाहन, सार्वजनिक बसें, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों को इस बढ़ोतरी से पूरी तरह राहत दी गई है।
नए स्ट्रक्चर के तहत, लाइट कमर्शियल व्हीकल और मिनी-बस के लिए टोल ₹75 से बढ़कर ₹90 हो गया है। वहीं, बसों और ट्रकों के लिए यह ₹150 से बढ़कर ₹180 और भारी मोटर वाहनों के लिए ₹190 से बढ़कर ₹225 कर दिया गया है।
बिजनेस और इंफ्लेशन पर असर
इस फैसले से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में काम करने वाली लॉजिस्टिक्स कंपनियों के ऑपरेशनल खर्च में इजाफा होना तय है। निवेशकों के लिए देखने वाली बात यह होगी कि कंपनियां मार्जिन पर असर झेलती हैं या इस खर्च को ग्राहकों पर माल ढुलाई शुल्क बढ़ाकर डालती हैं। यदि कंपनियां इसे पास-ऑन करती हैं, तो रोजमर्रा की जरूरी कमोडिटी की कीमतों में महंगाई का दबाव देखने को मिल सकता है।
विरोध और राहत के उपाय
All India Motor Transport Congress (AIMTC) ने इस कदम का विरोध किया है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि पहले से ही ईंधन और मेंटेनेंस के खर्चों के बोझ तले दबे ऑपरेटर्स पर यह अतिरिक्त वित्तीय भार है।
हालांकि, राहत के लिए MSRDC ने डिस्काउंट स्कीम लॉन्च की है। जो ऑपरेटर्स बल्क कूपन खरीदेंगे, उन्हें 50-ट्रिप पैक पर 25% और 100-ट्रिप पैक पर 50% की छूट मिलेगी। लॉन्ग टर्म में फ्रेट प्राइसिंग पर इस छूट का कितना फायदा मिलता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
