Mumbai Port Traffic: रिकॉर्ड तोड़ कारगो से मुंबई पोर्ट में नई सुविधाओं का ऐलान, तेल जेट्टी और ऑटो टर्मिनल होंगे अपग्रेड

TRANSPORTATION
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AuthorAditya Rao|Published at:
Mumbai Port Traffic: रिकॉर्ड तोड़ कारगो से मुंबई पोर्ट में नई सुविधाओं का ऐलान, तेल जेट्टी और ऑटो टर्मिनल होंगे अपग्रेड

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने एक बड़ी घोषणा की है! रिकॉर्ड तोड़ कार्गो ट्रैफिक को देखते हुए, पोर्ट अब पेट्रोलियम, ऑटोमोबाइल और सीमेंट को संभालने के लिए अपनी क्षमताएं बढ़ा रहा है। 2025-26 में **75.15 मिलियन मीट्रिक टन** से अधिक कार्गो को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, यह विस्तार BPCL और HPCL जैसी कंपनियों के बढ़ते रिफाइनरी आउटपुट का समर्थन करेगा और ऑटो लॉजिस्टिक्स की मांग को भी पूरा करेगा।

Detailed Coverage

इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा दांव

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने बढ़ते कार्गो वॉल्यूम और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को सहारा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, नए कच्चे तेल की जेट्टी (jetties) और केमिकल्स व पेट्रोलियम उत्पादों के लिए विशेष बर्थ (berths) विकसित किए जाएंगे। इन नई सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र में रिफाइनरियों, जिनमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरियां शामिल हैं, के बढ़ते उत्पादन को संभालना है।

तेल और गैस (POL) कार्गो का बढ़ता दबदबा

फिलहाल, पोर्ट के कुल ट्रैफिक का लगभग 60% पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट्स (POL) कार्गो से आता है। आंकड़े बताते हैं कि 2025-26 में जहाजों से आने वाले कच्चे तेल की मात्रा 26.24 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) तक पहुंच गई, जो 2011-12 में 17.22 MMT थी। पोर्ट अधिकारियों का मानना है कि POL ट्रैफिक में मामूली 10% की वृद्धि से भी सालाना 4.5 MMT कार्गो बढ़ सकता है। इसके अलावा, पोर्ट जवाहर द्वीप (Jawahar Dweep) को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) बंकरिंग हब के तौर पर विकसित करने पर भी विचार कर रहा है, जो जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) के करीब स्थित है।

ऑटोमोबाइल और सीमेंट की क्षमता का विस्तार

ऊर्जा उत्पादों के अलावा, पोर्ट ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए अपनी सुविधाओं का भी विस्तार कर रहा है। 2025-26 फाइनेंशियल ईयर में, मुंबई पोर्ट ने रोल-ऑन/रोल-ऑफ (Ro-Ro) जहाजों का उपयोग करके लगभग 81,000 निर्यात-आयात वाहनों को संभाला। अब पोर्ट 100,000 वाहनों को रखने की क्षमता वाली इन-डॉक स्टोरेज सुविधा की योजना बना रहा है। यह पुणे, चाकन और सानंद जैसे प्रमुख ऑटोमोटिव हब के लिए एक बड़ा सहारा होगा। साथ ही, औरंगाबाद में खुलने वाले नए ऑटो प्लांट को भी इसका फायदा मिलेगा।

निर्माण क्षेत्र की बात करें तो, पोर्ट 2.0 MMT की स्टोरेज क्षमता वाले सीमेंट साइलो (silos) लगाने की योजना बना रहा है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य रेल वैगन कनेक्टिविटी का उपयोग करके मुंबई के भीतर घरेलू सीमेंट के वितरण को सुव्यवस्थित करना है। ये पहल पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय की कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम (Coastal Cargo Promotion Scheme) द्वारा समर्थित हैं, जो सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने के लिए समुद्री मार्ग से माल ढुलाई को बढ़ावा देती है।

परिचालन प्रदर्शन और भविष्य की राह

ये विस्तार प्रयास पोर्ट के लगातार परिचालन विकास का परिणाम हैं। 2025-26 में मुंबई पोर्ट ने 75.15 MMT का रिकॉर्ड कार्गो थ्रूपुट हासिल किया, जो 2020-21 के 53.32 MMT से काफी ज्यादा है। पिछले पांच सालों में यह लगभग 7% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) को दर्शाता है। हालांकि ये विस्तार पोर्ट को उच्च मात्रा को संभालने के लिए तैयार करते हैं, लेकिन इन निवेशों की अंतिम सफलता रिफाइनरी उत्पादों की निरंतर मांग और पोर्ट को औद्योगिक केंद्रों से जोड़ने वाले एकीकृत रेल-रोड लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की दक्षता पर निर्भर करेगी। निवेशक आमतौर पर प्रोजेक्ट के चालू होने की समय-सीमा और पूंजीगत व्यय दक्षता पर नजर रखते हैं ताकि परिचालन लागत और क्षेत्रीय व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता पर दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन किया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.