Mumbai Port Authority ने Victoria Dock में 'विक्सित भारत मुंबई मरीना' प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल टेंडर मंगाए हैं। **₹923 करोड़** के इस प्रोजेक्ट में **45 साल** के लिए डिजाइन-बिल्ड-ऑपरेट मॉडल पर **604 याच** (yachts) के लिए सुविधा तैयार की जाएगी।
प्रोजेक्ट की बारीकियां और मॉडल
Mumbai Port Authority ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को DBFOT (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर) मॉडल के तहत तैयार करने का फैसला किया है। इसमें सफल बोलीदाता को 45 साल का लंबा कंसेशन (concession) मिलेगा। ₹923 करोड़ की लागत वाला यह मरीना 37.3 हेक्टेयर के वाटर एरिया में फैला होगा, जिसमें शुरूआती फेज में 424 बर्थ की सुविधा दी जाएगी और कुल क्षमता 604 याच रखने की होगी।
इन्वेस्टर के लिए क्या है खास?
बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में अक्सर कागजी कार्रवाई और क्लीयरेंस की बाधाएं आती हैं, लेकिन यहां राहत की बात यह है कि पर्यावरण और Coastal Regulation Zone (CRZ) की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। साथ ही, ड्रेजिंग और ब्रेकवॉटर बनाने का शुरुआती काम भी चल रहा है, जिससे शुरुआती प्रोजेक्ट रिस्क काफी कम हो गया है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
इन्वेस्टर्स को यह याद रखना चाहिए कि इतने लंबे समय तक चलने वाले इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन रिस्क और लागत बढ़ने का डर हमेशा रहता है। सबसे बड़ा सवाल भविष्य में लग्जरी याचिंग सेवाओं की मांग को लेकर है। यदि मुंबई में इस मार्केट का विस्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ, तो ऑपरेटर के रेवेन्यू पर भारी दबाव पड़ सकता है। फिलहाल, मार्केट की नजरें इस टेंडर प्रक्रिया के समापन और फाइनल कंस्ट्रक्शन पार्टनर के चयन पर टिकी हैं।
