मुंबई मेट्रो कार डिपो: कांजुरमार्ग ज़मीन विवाद सुलझा, प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी!

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
मुंबई मेट्रो कार डिपो: कांजुरमार्ग ज़मीन विवाद सुलझा, प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी!
Overview

मुंबई मेट्रो लाइन 6 (Mumbai Metro Line 6) के कार डिपो के लिए कांजुरमार्ग की ज़मीन को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब ख़त्म हो गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने ज़मीन पर हक़ जताने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिससे **₹6,716 करोड़** के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

बॉम्बे हाई कोर्ट के इस अहम फैसले के बाद मुंबई मेट्रो लाइन 6 के कार डिपो के लिए कांजुरमार्ग की ज़मीन पर चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। कोर्ट ने ज़मीन पर मालिकाना हक़ जताने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि लीज (Lease) समाप्त होने के बाद याचिकाकर्ता के पास ज़मीन पर कोई अधिकार नहीं था। इस निर्णय से ₹6,716 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

अब मुंबई मेट्रो रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) कांजुरमार्ग की 15 हेक्टेयर ज़मीन पर डिपो का निर्माण कार्य शुरू कर सकेगी। प्रोजेक्ट के निर्माण की बात करें तो, एलिवेटेड कॉरिडोर (Viaduct) का काम 87.60% पूरा हो चुका है, जबकि स्टेशनों के सिविल काम 77.30% तक पहुँच गए हैं। अब तक इस प्रोजेक्ट में ₹2,293 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया जा चुका है, और इसे दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य है।

खास बात यह है कि केंद्र सरकार (Union of India) ने भी महाराष्ट्र सरकार के साथ ज़मीन के मालिकाना हक़ के विवाद सुलझने के बाद अपनी याचिका वापस ले ली थी। यह फैसला भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर (Infrastructure Sector) के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि ज़मीन अधिग्रहण और कानूनी अड़चनों के कारण अक्सर ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स अटक जाते हैं। ऐसे विवादों का समय पर निपटारा इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद करता है।

संक्षेप में, कांजुरमार्ग ज़मीन का विवाद सुलझने से मुंबई मेट्रो लाइन 6 प्रोजेक्ट में तेज़ी आई है, जो शहर के सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.