Mumbai International Airport Ltd (MIAL) ने टर्मिनल-1 के पुनर्विकास (Redevelopment) के लिए **265** साप्ताहिक इंटरनेशनल फ्लाइट स्लॉट्स को कम करने का फैसला किया है, जो **25 अक्टूबर 2026** से प्रभावी होगा। इस फैसले से एयरलाइंस और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) खफा हैं और इससे ऑपरेशनल दिक्कतों की चेतावनी दी गई है।
री-डेवलपमेंट की तैयारी
Mumbai International Airport Ltd (MIAL) ने 46 एयरलाइंस के लिए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत 25 अक्टूबर 2026 से इंटरनेशनल फ्लाइट स्लॉट्स में कटौती की जाएगी। यह फैसला छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को आधुनिक बनाने के लिए लिया गया है, जिसके 2029-30 तक बंद रहने की उम्मीद है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट की ओर शिफ्ट
इस कटौती का एक बड़ा मकसद ट्रैफिक को नए Navi Mumbai International Airport की तरफ डायवर्ट करना है, जिसने 2025 के अंत में अपना ऑपरेशन शुरू किया था। हालाँकि, IndiGo और Air India जैसी प्रमुख एयरलाइंस का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर स्लॉट में कमी से उनका शेड्यूल बिगड़ जाएगा, जो महीनों पहले ही तय हो चुका था।
IATA का विरोध और रेगुलेटरी रिस्क
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने इस कदम को 'कैपेसिटी गेमिंग' करार दिया है और सरकार से दखल की मांग की है। एयरलाइंस का आरोप है कि उन्हें भरोसे में लिए बिना यह निर्णय लिया गया, जिससे अब ऑपरेशनल अनिश्चितता बढ़ गई है।
Adani Airport Holdings का एंगल
MIAL, Adani Airport Holdings Ltd (AAHL) की सहायक कंपनी है। निवेश के नजरिए से देखें तो MIAL एक 'रिंग-फेंस्ड' स्पेशल पर्पस व्हीकल के तौर पर काम करती है, जिसका मतलब है कि इसके कैश फ्लो और कर्ज का असर अन्य Adani Group कंपनियों से अलग है। अब निवेशकों की निगाहें Civil Aviation Ministry के रुख पर टिकी हैं कि क्या इस विवाद के चलते सरकार कोई नया आदेश जारी करती है या स्लॉट कट के फैसले में बदलाव होता है।
