Mumbai International Airport ने **35** से अधिक एयरलाइंस को **3 नवंबर** तक अपना ट्रांजिशन प्लान जमा करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य इंटरनेशनल फ्लाइट्स को नए नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करके पुराने टर्मिनल के रिडेवलपमेंट का रास्ता साफ करना है।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) अब अपने पुराने हब को डीकंजस्ट (decongest) करने के मिशन पर जुट गया है। मैनेजमेंट ने 35 से ज्यादा एयरलाइंस को साफ़ शब्दों में कहा है कि वे 3 नवंबर तक अपना शिफ्टिंग प्लान सौंप दें। यह फैसला मुंबई के टर्मिनल-1 के रिडेवलपमेंट के लिए बेहद जरूरी है, जो साल 2030 तक चलने वाला एक बड़ा प्रोजेक्ट है।
अडानी ग्रुप के लिए बड़ी चुनौती
निवेशकों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि Adani Airport Holdings इस पूरे एसेट का मैनेजमेंट देख रही है। कंपनी का लक्ष्य मुंबई रीजन की पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता को मौजूदा 55 मिलियन से बढ़ाकर 65 मिलियन करने का है। लेकिन, इस राह में लॉजिस्टिकल चुनौतियां कम नहीं हैं।
एयरलाइंस का विरोध और पेंच
जहाँ Air India, IndiGo और Akasa Air जैसे बड़े घरेलू नाम दिसंबर से फेज्ड माइग्रेशन के लिए तैयार हैं, वहीं इंटरनेशनल एयरलाइंस ने इस डेडलाइन पर सवाल उठाए हैं। कई विदेशी एयरलाइंस का तर्क है कि नई फैसिलिटी में अभी ऑपरेशनल पेचीदगियां हैं और वे अक्टूबर 2027 के विंटर शेड्यूल तक शिफ्टिंग टालना चाहती हैं।
अब सबकी नजरें 3 नवंबर की डेडलाइन पर टिकी हैं। अगर एयरलाइंस शिफ्ट नहीं होती हैं, तो अडानी ग्रुप का टर्मिनल रिडेवलपमेंट प्लान लटक सकता है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो के लिए एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।
