Mumbai Airport पर बारिश का कहर! IndiGo, Akasa Air की 17 उड़ानें रद्द, कई डायवर्ट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Mumbai Airport पर बारिश का कहर! IndiGo, Akasa Air की 17 उड़ानें रद्द, कई डायवर्ट

मुंबई में **6 जुलाई** को हुई भारी बारिश के चलते छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस मौसम की मार से **17 उड़ानों को रद्द** करना पड़ा, जबकि **5 उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट** किया गया। IndiGo और Akasa Air जैसी एयरलाइंस ने यात्रियों को संभावित देरी के बारे में सूचित किया है।

ऑपरेशनल इफेक्ट और फ्लाइट्स में रुकावट

मुंबई में लगातार तीसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने एयरपोर्ट के ऑपरेशन्स को पूरी तरह से ठप कर दिया। इस कारण 17 डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा। इसके अलावा, 5 उड़ानों को पास के एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट किया गया। Akasa Air की कुवैत और दोहा जैसी इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स की फ्लाइट्स भी प्रभावित हुईं। वहीं, IndiGo ने सिंगापुर से मुंबई आने वाली एक फ्लाइट को अहमदाबाद डायवर्ट किया। एयरपोर्ट पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि लगभग 89% फ्लाइट्स को औसतन 72 मिनट की देरी से उड़ान भरनी पड़ी। आने वाली फ्लाइट्स में भी 84% फ्लाइट्स को औसतन 46 मिनट की देरी का सामना करना पड़ा।

नेटवर्क पर भी पड़ा असर

मुंबई एयरपोर्ट पर आई इस दिक्कत का असर पूरे नेटवर्क पर देखा जा रहा है। IndiGo और Akasa Air ने यात्रियों को चेताया है कि मुंबई, पुणे और गोवा जैसे शहरों में खराब मौसम की वजह से उनकी नेटवर्क-वाइड देरी हो सकती है। एयरलाइंस ऑपरेटर्स के लिए ऐसे मौसम संबंधी व्यवधान काफी गंभीर होते हैं। इनसे एयरक्राफ्ट यूटिलाइजेशन रेट्स (aircraft utilization rates) पर असर पड़ता है, फ्यूल की खपत बढ़ती है और क्रू शेड्यूलिंग (crew scheduling) में भी अतिरिक्त लागत आती है।

मौसम विभाग का अलर्ट और वित्तीय असर

भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जुलाई महीने की औसत बारिश का लगभग 90% पानी पिछले 4 दिनों में ही गिर चुका है। इस भारी बारिश ने शहर की सड़कों और रेलवे कनेक्टिविटी को भी प्रभावित किया है। ऐसे मौसम का वित्तीय प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि यह स्थिति कितने समय तक बनी रहती है और एयरलाइंस कितनी जल्दी अपने शेड्यूल को सामान्य कर पाती हैं। निवेशक और स्टेकहोल्डर्स इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि एयरलाइंस इस लॉजिस्टिकल बैक लॉग (logistical backlog) को कैसे मैनेज करती हैं।

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