मंगलवार को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ी IT सिस्टम फेलियर के कारण परिचालन पूरी तरह चरमरा गया। इस तकनीकी खराबी की वजह से **327** उड़ानें लेट हुईं और **13%** फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और स्टाफ को मैनुअल मोड में काम करना पड़ा।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को आई इस तकनीकी समस्या ने एयरपोर्ट मैनेजमेंट की पोल खोल दी। नेटवर्क फेल होने के कारण डिजिटल सिस्टम्स ने काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद ग्राउंड स्टाफ को मजबूरन मैन्युअल चेक-इन प्रक्रिया अपनानी पड़ी।\n\nआंकड़ों पर गौर करें तो इस तकनीकी गड़बड़ी ने पूरे दिन का शेड्यूल बिगाड़ दिया। कुल 327 फ्लाइट्स को देरी का सामना करना पड़ा, जिसमें औसतन 50 मिनट की देरी दर्ज की गई। वहीं, एयरपोर्ट की 13% निर्धारित उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि हाई-ट्रैफिक वाले एयरपोर्ट्स के लिए डिजिटल सिस्टम की निर्भरता कितनी ज्यादा है।\n\nयह एयरपोर्ट Mumbai International Airport Limited (MIAL) द्वारा संचालित है, जो Adani Enterprises के अंतर्गत Adani Airport Holdings का एक मुख्य हिस्सा है। एयरपोर्ट का पूरा कामकाज चेक-इन, सिक्योरिटी और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे डिजिटल इंटीग्रेशन पर टिका है। Directorate General of Civil Aviation (DGCA) जैसी रेगुलेटरी संस्थाएं अब इस पर पैनी नजर रख रही हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सर्विस स्टैंडर्ड्स के साथ कोई समझौता न हो।\n\nनिवेशकों के लिए, इस तरह की इंफ्रास्ट्रक्चर खामियां चिंता का विषय हैं। एयरपोर्ट की रेवेन्यू और सर्विस रेटिंग्स काफी हद तक इन स्मूथ ऑपरेशंस पर निर्भर करती हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी इसकी मुख्य वजह क्या बताती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
