Mumbai Airport पर इन दिनों भारी हलचल है। रूसी कार्गो उड़ानों को रोकने और 25 अक्टूबर से इंटरनेशनल फ्लाइट्स के स्लॉट में **33%** की बड़ी कटौती के फैसले के बाद विमानन कंपनियों में भारी नाराजगी है। इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने **6 अक्टूबर** को एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (MIAL) पर ऑपरेशनल तनाव बढ़ता जा रहा है। रूस की एयरलाइंस Aeroflot और Volga-Dnepr को कार्गो प्रोसेसिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मामला तब और गंभीर हो गया जब एयरपोर्ट ने 25 अक्टूबर 2026 से प्रति सप्ताह 265 इंटरनेशनल फ्लाइट स्लॉट्स कम करने का ऐलान किया, जो मौजूदा क्षमता का लगभग 33% है।
क्यों हो रहा है विरोध?
यह स्लॉट कटौती टर्मिनल-1 के पुनर्विकास (redevelopment) के लिए की जा रही है, जो 2027 की शुरुआत में शुरू होने वाला है। हालांकि, कई इंटरनेशनल एयरलाइंस का कहना है कि यह फैसला बिना पर्याप्त बातचीत के लिया गया है। उनका तर्क है कि इससे न केवल उनकी शेड्यूल प्रभावित होगी, बल्कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कामकाज शिफ्ट करने का दबाव भी बढ़ेगा।
कार्गो में क्या है पेंच?
लॉजिस्टिक्स एजेंटों का आरोप है कि रूस जाने वाले कार्गो को जानबूझकर रोका जा रहा है या उन्हें कार्टिंग की अनुमति नहीं मिल रही है। उनका दावा है कि एयरपोर्ट पर नियमों का पालन बाकी एयरलाइंस के मुकाबले रूसी कार्गो के लिए भेदभावपूर्ण है, जिससे ट्रांजिट देरी और लागत बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस विवाद में दखल देते हुए 6 अक्टूबर 2026 को एयरलाइंस और Adani Airport Holdings के साथ इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। Adani Enterprises के शेयरों पर फिलहाल इसका असर सीमित है, लेकिन सरकार का रुख ही तय करेगा कि कंपनी के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और ऑपरेशनल लचीलेपन पर कितना असर पड़ेगा। बाजार की नजर इस बैठक के नतीजों पर टिकी है कि क्या सरकार इस कटौती को वापस लेगी या फिर कोई बीच का रास्ता निकलेगा।
