Mumbai के Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport पर कार्गो ट्रकों को अब **72 घंटे** तक का इंतजार करना पड़ रहा है। रनवे की मरम्मत के चलते डेडिकेटेड फ्रेटर फ्लाइट्स को **मई 2027** तक के लिए बंद कर दिया गया है। इस पूरी शिफ्टिंग को Adani Airport Holdings के **$20 बिलियन** से ज्यादा के प्रस्तावित IPO के लिए एक बड़े टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
मुंबई का लॉजिस्टिक्स सेक्टर इन दिनों भारी दबाव में है। Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport (CSMIA) पर कार्गो टर्मिनल्स में ट्रकों को माल उतारने के लिए 72 घंटे तक की लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या सीजनल डिमांड बढ़ने और एयरपोर्ट पर चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण पैदा हुई है। रनवे की री-कार्पेटिंग और एप्रन के पुनर्निर्माण के लिए एयरपोर्ट ऑपरेटर ने डेडिकेटेड फ्रेटर ऑपरेशंस को मई 2027 तक रोक दिया है।\n\nफिलहाल, करीब 65% कार्गो वॉल्यूम अभी भी पैसेंजर फ्लाइट्स के जरिए मूव हो रहा है, लेकिन फ्रेटर स्लॉट्स बंद होने से समय-संवेदनशील (time-sensitive) और भारी शिपमेंट्स के लिए जगह कम हो गई है। इंटरनेशनल ट्रेड बॉडी IATA ने भी इस बढ़ते बैकलॉग और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट पर चिंता जाहिर की है।\n\nइस संकट का समाधान फ्रेटर ट्रैफिक को Navi Mumbai International Airport (NMI) पर शिफ्ट करना है। Adani Airport Holdings के लिए यह सिर्फ एक ऑपरेशनल बदलाव नहीं, बल्कि एक बड़ा परफॉर्मेंस टेस्ट है। कंपनी अपने संभावित IPO की तैयारी में है, जिसकी वैल्यूएशन $20 बिलियन से अधिक आंकी गई है। ऐसे में इस 10 महीने के ट्रांजिशन पीरियड में ट्रेड फ्लो को सुचारू रखना निवेशकों के लिए कंपनी की क्षमता मापने का एक महत्वपूर्ण पैमाना होगा।\n\nअगर NMI कार्गो रैंप-अप सफल रहता है, तो यह मैनेजमेंट की बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। हालांकि, इस दौरान किसी भी तरह की देरी या सर्विस में कमी कंपनी की साख और रेगुलरिटी स्क्रूटनी पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
