सड़क सुरक्षा और निर्माण की क्वालिटी सुधारने के लिए Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) ने सख्ती बढ़ा दी है। अब किसी भी बड़ी चूक या दुर्घटना के मामले में कंसल्टेंसी फर्मों के स्कोर से 20-पॉइंट काटे जाएंगे।
अब जवाबदेही तय करना होगा आसान
सड़क निर्माण की निगरानी करने वाले Authority Engineers (AE) और Independent Engineers (IE) अब अपनी गलतियों के प्रति सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अगर किसी प्रोजेक्ट में कोई बड़ी तकनीकी गड़बड़ी या ढांचागत विफलता होती है, तो कंपनी के स्कोर से सीधे 20 अंक घटा दिए जाएंगे। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक इंजीनियरिंग फर्मों पर रोड कंसेशनर्स के मुकाबले कम दबाव था, जिन्हें पहले से ही ऐसी गलतियों पर 30 अंकों की कटौती का सामना करना पड़ता है।
बिजनेस और टेंडरिंग पर असर
यह नियम सिर्फ मुख्य फर्म पर ही नहीं, बल्कि उसके साथ काम करने वाले जॉइंट वेंचर पार्टनर और सहयोगियों पर भी लागू होगा। यह जुर्माना इतना बड़ा है कि किसी भी फर्म का स्कोर निगेटिव जोन में जा सकता है, जिससे भविष्य में सरकारी ठेके हासिल करना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा। National Highways Authority of India (NHAI) को इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
क्वालिटी पर फोकस और निवेशकों के लिए संकेत
2021 से 2026 के बीच नेशनल हाईवे पर स्ट्रक्चरल डिफिशिएंसी के 48 मामले सामने आए हैं। मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य काम की रफ्तार के साथ-साथ अब क्वालिटी पर अधिक जोर देना है। निवेशकों के लिए आने वाला समय उन कंपनियों के लिहाज से बेहतर हो सकता है जो क्वालिटी कंट्रोल को लेकर सख्त हैं, जबकि लचर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों का बिजनेस मॉडल अब रिस्क की जद में रहेगा।
