गुजरात के कांडला तट के पास दो मर्चेंट वेसल्स MV KMAX EMPEROR और MV TRUE MARINER की जोरदार टक्कर हो गई। इंडियन कोस्ट गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए **21** क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और इलाके में प्रदूषण रोकने के लिए उपाय शुरू कर दिए गए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन और वर्तमान स्थिति
11 सितंबर को गुजरात के कांडला में दीनदयाल पोर्ट के पास यह दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद MV KMAX EMPEROR पर मौजूद 24 में से 21 सदस्यों को इंडियन कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित निकाल लिया है। वहीं, 3 क्रू मेंबर्स ने जहाज को स्थिर रखने और तकनीकी मदद के लिए जहाज पर ही रहने का फैसला किया है। फिलहाल अधिकारियों की नजर पूरी स्थिति पर बनी हुई है ताकि समुद्री ट्रैफिक में कोई बड़ी रुकावट न आए।
पर्यावरण और लॉजिस्टिक्स पर प्रभाव
इस हादसे के बाद पर्यावरण के लिहाज से जोखिम बढ़ गया है। क्षतिग्रस्त जहाजों से तेल या कार्गो लीक न हो, इसके लिए विशेष 'पॉल्यूशन रिस्पॉन्स' कदम उठाए गए हैं। दीनदयाल पोर्ट (पूर्व में कांडला पोर्ट) भारत का एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब है, जहाँ से भारी मात्रा में पेट्रोलियम, कोयला और केमिकल्स का व्यापार होता है।
निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह घटना?
भले ही यह सीधे किसी लिस्टेड कंपनी से न जुड़ा हो, लेकिन ऐसे हादसों से समुद्री व्यापार गलियारों में 'ऑपरेशनल रिस्क' बढ़ जाता है। अगर जहाज हटाने या सुरक्षा जांच में देरी होती है, तो जहाजों के 'टर्नअराउंड टाइम' पर असर पड़ सकता है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ सकती है। निवेशक अब पोर्ट अथॉरिटी के अगले बयानों और कार्गो ऑपरेशंस पर आने वाली अपडेट्स पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि सप्लाई चेन पर पड़ने वाले किसी भी संभावित असर का आकलन किया जा सके।
