1 अक्टूबर 2026 से Mangaluru रेलवे रीजन का प्रशासनिक नियंत्रण Southern Railway के Palakkad Division से बदलकर South Western Railway के Mysuru Division को सौंप दिया गया है। इस बदलाव से Palakkad Division को सालाना **₹1,100 करोड़** तक का रेवेन्यू नुकसान हो सकता है।
प्रशासनिक बदलाव और वित्तीय असर
Indian Railways के नेटवर्क में यह एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल है। रेलवे बोर्ड के 21 अगस्त 2026 के आदेश के बाद, दशकों से Palakkad Division के तहत आने वाला यह क्षेत्र अब Mysuru Division का हिस्सा बन गया है। इस शिफ्ट का मकसद ऑपरेशनल कंट्रोल को बेहतर बनाना और एक ही रेलवे जोन के तहत लाना है।
Mysuru Division ने 7 बड़े स्टेशनों और 1 हॉल्ट के प्रबंधन के लिए नया कंट्रोल बोर्ड बना लिया है। हालांकि ट्रेन संचालन अभी सुचारू है, लेकिन एसेट और बिलिंग का पूरा बंटवारा होने में करीब 30 से 45 दिन का समय लगेगा।
रेवेन्यू पर चोट
यह फैसला Palakkad Division के लिए आर्थिक रूप से भारी साबित होने वाला है। Panambur जैसे महत्वपूर्ण फ्रेट हब के हाथ से निकल जाने के कारण, इस डिवीजन को सालाना ₹650 करोड़ से लेकर ₹1,100 करोड़ तक के रेवेन्यू का नुकसान हो सकता है। इसका सीधा असर भविष्य में Southern Railway के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकता है।
यात्रियों की चिंता और भविष्य की राह
फिलहाल, यात्रियों के लिए सबसे बड़ा सवाल Vande Bharat Express और Mangaluru-Madgaon रूट को लेकर है। ऐसी खबरें हैं कि इन रूटों में बदलाव या एक्सटेंशन किया जा सकता है। हालांकि, अधिकारी अभी यह कह रहे हैं कि मौजूदा शेड्यूल पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन नई प्रशासनिक टीम जल्द ही क्षमता और लॉजिस्टिक्स की समीक्षा करेगी। केरल में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है, जहां के लोग इसे Malabar क्षेत्र के विकास की अनदेखी मान रहे हैं।
