Madhya Pradesh Aviation Push: एमपी में उड़ान भरने की तैयारी, बनेंगे **10** नए एयरपोर्ट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Madhya Pradesh Aviation Push: एमपी में उड़ान भरने की तैयारी, बनेंगे **10** नए एयरपोर्ट

मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी Civil Aviation Policy 2025 के तहत बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान का ऐलान किया है। राज्य में **10** नए एयरपोर्ट बनाने और UDAN स्कीम के जरिए कनेक्टिविटी सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी नई एविएशन पॉलिसी के जरिए राज्य के नक्शे को पूरी तरह बदलने का खाका तैयार कर लिया है। सरकार का टारगेट है कि राज्य में हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपैड हो। यह कदम इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों पर निर्भरता को कम कर रिमोट इलाकों को लॉजिस्टिक ग्रिड से जोड़ने के लिए उठाया गया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

फिलहाल राज्य में 8 एयरपोर्ट चालू हैं, जिन्हें उज्जैन और शिवपुरी के प्रोजेक्ट्स के बाद 10 तक पहुंचाने की योजना है। इसके अलावा, 10 अन्य एयरस्ट्रिप्स को पूर्ण विकसित एयरपोर्ट में बदला जाएगा। इसमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार की UDAN स्कीम के तहत विकसित किया जाएगा, जिसे 2036 तक बढ़ा दिया गया है। विशेष रूप से सिंगरौली को इंडस्ट्रियल और कोल कॉरिडोर की जरूरत के चलते प्राथमिकता दी जा रही है।

मेडिकल और टूरिज्म का बड़ा प्लान

उज्जैन का Datana-Matana एयरपोर्ट इस विस्तार का केंद्र बिंदु है, जिसे 'Simhastha 2028' के मद्देनजर तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसका रनवे 1,800 मीटर का है जिसे 2,700 मीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही, 230 विधानसभा क्षेत्रों में हेलीपैड का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि PM Shri Air Ambulance सर्विस और डिजास्टर मैनेजमेंट को मजबूत किया जा सके।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लिए यह बड़ा अवसर है, लेकिन निवेशकों को सावधानी भी बरतनी चाहिए। छोटे एयरपोर्ट्स का मेंटेनेंस और ऑपरेशनल कॉस्ट अधिक होता है, जिससे लंबे समय में इनकी व्यावसायिक सफलता (Commercial Sustainability) एक चुनौती बनी रहती है। अगर पैसेंजर डिमांड उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो इन एसेट्स का यूटिलाइजेशन कम रह सकता है। निवेशकों को सरकार की तरफ से आने वाले टेंडर्स, बजट एलोकेशन और EPC कंपनियों के अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.