Lyft ने 9 सितंबर 2026 को Nashville में Waymo के साथ मिलकर Robotaxi सेवा लॉन्च की है। इस सर्विस को कंपनी की सहायक कंपनी Flexdrive मैनेज करेगी, लेकिन बाजार ने इस कदम पर संशय जताते हुए स्टॉक में **8.2%** की गिरावट दर्ज की।
बड़ा बिजनेस शिफ्ट
Lyft ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए खुद की ऑटोनॉमस तकनीक विकसित करने के बजाय थर्ड-पार्टी फ्लीट को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने का फैसला किया है। इस नई सर्विस के तहत Nashville के यात्री अब सीधे Lyft ऐप के जरिए बिना ड्राइवर वाली गाड़ियां बुक कर सकेंगे।
Flexdrive की भूमिका और बढ़ता खर्च
इस पूरी सर्विस का जिम्मा Lyft की सहायक कंपनी Flexdrive संभालेगी। पारंपरिक राइड-हेलिंग मॉडल में जहां ड्राइवर खुद गाड़ी मैनेज करते थे, वहीं इस नए मॉडल में गाड़ियों की सफाई, मेंटेनेंस और चार्जिंग का पूरा खर्च कंपनी को उठाना होगा। जानकारों का मानना है कि यह मॉडल सॉफ्टवेयर आधारित मार्केटप्लेस के मुकाबले काफी 'Capital-Intensive' (पूंजी-प्रधान) है, जिससे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
मार्केट की घबराहट और नेतृत्व में बदलाव
बाजार को यह नया दांव फिलहाल रिस्की लग रहा है, जिसके चलते NASDAQ पर लिस्टेड Lyft का शेयर 8.2% तक फिसल गया। निवेशकों की चिंता केवल बिजनेस मॉडल ही नहीं, बल्कि कंपनी में होने वाले बदलावों को लेकर भी है। कंपनी की मौजूदा CFO Erin Brewer पद छोड़ रही हैं और 28 सितंबर 2026 को Michael Brous नया पदभार संभालेंगे। इस नेतृत्व परिवर्तन के बीच एक नया बिजनेस मॉडल अपनाना बाजार के लिए अनिश्चितता का बड़ा कारण है।
भारतीय निवेशकों के लिए अहम जानकारी
यह ध्यान रखना जरूरी है कि Lyft भारतीय शेयर बाजार (NSE या BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसमें निवेश के लिए भारतीय निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेना पड़ता है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या रोबोटैक्सी से होने वाली कमाई इस भारी-भरकम खर्च की भरपाई कर पाएगी या नहीं।
