Lucknow के Chaudhary Charan Singh International Airport पर विंटर शेड्यूल के तहत अब रोजाना **134** उड़ानें संचालित होंगी। Adani Airport Holdings द्वारा संचालित इस एयरपोर्ट पर **25 अक्टूबर** से नई व्यवस्था लागू हो रही है।
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपने विंटर ऑपरेशन्स का विस्तार करते हुए डेली फ्लाइट्स की संख्या को वर्तमान 108 से बढ़ाकर 134 करने का फैसला किया है। 25 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस नए शेड्यूल में 20 घरेलू और 10 अंतरराष्ट्रीय गंतव्य शामिल हैं। साथ ही, 17 नवंबर से बैंकॉक के लिए सीधी कनेक्टिविटी भी दोबारा शुरू हो रही है, जिसे Thai AirAsia संचालित करेगी।
Adani Airport Holdings की रणनीति
यह एयरपोर्ट Adani Enterprises की सहायक कंपनी Adani Airport Holdings के तहत एक प्रमुख एसेट है। निवेशकों के नजरिए से एयरपोर्ट वर्टिकल का परफॉर्मेंस बेहद अहम है, क्योंकि यात्रियों की बढ़ती संख्या सीधे कंपनी के नॉन-एरोनॉटिकल रेवेन्यू को बढ़ाती है। इस विस्तार का मकसद लखनऊ को उत्तर भारत के एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में स्थापित करना है। कंपनी इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ मिलकर काम कर रही है।
सर्दियों की चुनौतियां और रिस्क
विंटर सीजन में उत्तर भारत में कोहरा एक बड़ी बाधा है, जो फ्लाइट शेड्यूल को प्रभावित कर सकता है। देरी या फ्लाइट्स कैंसिल होने से परिचालन लागत (Operational Cost) पर असर पड़ता है। हालांकि, एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने कहा है कि खराब दृश्यता से निपटने के लिए 'Low Visibility Procedures' लागू किए जा रहे हैं। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि एयरपोर्ट इन मौसमी दिक्कतों को कितनी कुशलता से संभालता है।
ट्रैफिक पर असर डालने वाले कारक
भविष्य में पैसेंजर ट्रैफिक की स्थिरता एयरलाइन फ्लीट डिप्लॉयमेंट और भू-राजनीतिक (Geopolitical) हालातों पर भी निर्भर करेगी। इससे पहले इस साल एयरपोर्ट ने 149 डायवर्ट की गई फ्लाइट्स को हैंडल किया था, जो इसके बुनियादी ढांचे की मजबूती को दर्शाता है। अब निवेशकों के लिए देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह नया शेड्यूल बिना किसी बड़ी बाधा के सफल होता है या नहीं।
