लेह एयरपोर्ट का नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल अब **83%** पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इससे रोजाना उड़ानों की संख्या **54** तक पहुंच जाएगी। यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट क्षेत्र के पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।
लेह एयरपोर्ट में दिख रहा विकास का रंग
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने जानकारी दी है कि लेह एयरपोर्ट पर नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग का 83% काम पूरा हो चुका है। यह देश भर में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसका खास ध्यान उन इलाकों पर है जहां पर्यटन और सामरिक महत्व दोनों हैं।
जैसे ही यह नया टर्मिनल पूरी तरह चालू होगा, इसकी फ्लाइट हैंडलिंग क्षमता मौजूदा संख्या से 3 गुना बढ़ जाएगी। यानी, जहां अभी सीमित उड़ानें संभव हैं, वहीं भविष्य में रोजाना 54 फ्लाइट्स तक ऑपरेट हो सकेंगी।
लद्दाख की कनेक्टिविटी के लिए कितना अहम?
लेह सिर्फ फौज की लॉजिस्टिक्स के लिए ही नहीं, बल्कि हिमालय के बढ़ते टूरिज्म के लिए भी एक अहम केंद्र है। उड़ानों की संख्या बढ़ने से पीक टूरिस्ट सीजन में होने वाली परेशानी कम होगी। एविएशन सेक्टर के लिए, मुश्किल इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना एक बड़ा कदम है, जिससे लोकल बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और कमर्शियल एयरलाइंस के लिए पैसेंजर ट्रैफिक बढ़ेगा।
बनारस एयरपोर्ट पर अनोखी इंजीनियरिंग
लेह प्रोजेक्ट के अलावा, सरकार बनारस एयरपोर्ट पर भी एक खास इंजीनियरिंग का काम कर रही है। यहां पहली बार एक एक्टिव रनवे के ठीक नीचे 6-लेन अंडरपास बनाया जा रहा है। 450 मीटर लंबा यह स्ट्रक्चर नेशनल हाईवे-31 से जुड़ेगा, जिससे एयरपोर्ट ऑपरेशंस से सड़क ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह प्रोजेक्ट एविएशन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सड़कों को बेहतर बनाने की सरकारी सोच को दिखाता है।
ये सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सरकार की हवाई यात्रा को विस्तार देने की प्रतिबद्धता दिखाते हैं। हालांकि, लेह टर्मिनल के शुरू होने की फाइनल डेट और कुल कितना खर्चा आएगा, इसकी जानकारी अभी आनी बाकी है। निवेशकों की नजरें बाकी बचे 17% कंस्ट्रक्शन पर होंगी और यह देखना अहम होगा कि ये नई सुविधाएं कितनी जल्दी चालू होती हैं और संबंधित लॉजिस्टिक्स और एविएशन कंपनियों के लिए रेवेन्यू कैसे बढ़ाती हैं। इन सिविल कामों की रफ्तार और यात्री संख्या में होने वाली बढ़ोतरी पर नजर रखना, क्षेत्रीय पर्यटन और इस रूट पर चलने वाली कंपनियों के लिए फायदेमंद होगा।
