L&T Kattupalli Shipyard: समुद्री कारोबार में बड़ी एंट्री, Maersk के साथ शुरू हुआ नया सफर

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AuthorNeha Patil|Published at:
L&T Kattupalli Shipyard: समुद्री कारोबार में बड़ी एंट्री, Maersk के साथ शुरू हुआ नया सफर

Larsen & Toubro (L&T) अपने Kattupalli शिपयार्ड में **20 अक्टूबर, 2026** से पहली बार Maersk के कंटेनर जहाज की ड्राईडॉकिंग (Drydocking) शुरू करने जा रही है। यह **10 साल** की एक बड़ी साझेदारी का हिस्सा है, जिसका मकसद ग्लोबल शिपिंग कंपनियों को भारत में ही मेंटेनेंस सेवाएं देना है।

बड़े बदलाव की शुरुआत

चेन्नई के पास स्थित Kattupalli शिपयार्ड में अब हलचल बढ़ गई है। L&T ने 'Maersk Chattogram' जहाज की ड्राईडॉकिंग के साथ अपनी नई सर्विस यात्रा शुरू की है। यह केवल एक मरम्मत का काम नहीं है, बल्कि 2025 में हुई एक बड़ी स्ट्रैटेजिक डील का परिणाम है, जो अगले एक दशक तक जारी रहेगी।

ड्राईडॉकिंग क्या है और इसका क्या महत्व है?

ड्राईडॉकिंग के तहत जहाज को पानी से बाहर निकाला जाता है ताकि उसकी बॉडी, प्रोपल्शन और अन्य मशीनों की बारीकी से जांच हो सके। यह प्रक्रिया जहाज की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। अब तक L&T का फोकस बड़े पैमाने पर जहाज बनाने (Manufacturing) पर था, लेकिन इस नई सर्विस के जरिए कंपनी अब 'रिकरिंग रेवेन्यू' (Recurring Revenue) का नया मॉडल तैयार कर रही है, जो मैन्युफैक्चरिंग के उतार-चढ़ाव से काफी अलग है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

इस कदम से L&T अपनी मौजूदा फैसिलिटी का बेहतर इस्तेमाल कर पाएगी। हालांकि, शिप रिपेयर का मार्केट काफी प्रतिस्पर्धी है और इसमें इंटरनेशनल मानकों पर खरा उतरना बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी इस प्रोजेक्ट के जरिए कितनी 'कैपेसिटी यूटिलाइजेशन' (Capacity Utilization) हासिल करती है। अगर क्वालिटी और टाइमिंग सही रही, तो L&T के लिए ग्लोबल लेवल पर नए कॉन्ट्रैक्ट्स पाने के रास्ते खुल सकते हैं, जो लॉन्ग टर्म में मार्जिन को स्थिर रखने में मदद करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.