Kottayam Port: Vizhinjam Seaport तक बनेगा **180-किमी** लंबा वाटरवे, लॉजिस्टिक्स में आएगा बड़ा बदलाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Kottayam Port: Vizhinjam Seaport तक बनेगा **180-किमी** लंबा वाटरवे, लॉजिस्टिक्स में आएगा बड़ा बदलाव

Kottayam Port and Container Terminal Services ने कोट्टायम डिपो को Vizhinjam International Seaport से जोड़ने के लिए **180-किमी** लंबे इनलैंड वाटरवे का प्रस्ताव रखा है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य सड़कों पर भीड़ कम करना और माल ढुलाई के समय को घटाना है।

लॉजिस्टिक्स की नई राह

Kottayam Port and Container Terminal Services ने एक महत्वाकांक्षी इनलैंड वाटरवे कॉरिडोर की योजना पेश की है। यह कॉरिडोर कोट्टायम को सीधे Vizhinjam International Seaport से जोड़ेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य माल ढुलाई (cargo traffic) को सड़कों से हटाकर नेशनल वाटरवेज (NW-3 और NW-9) के जरिए पानी के रास्ते ले जाना है।

कैसे काम करेगा यह रूट?

प्रस्तावित रूट के जरिए कंटेनर बार्ज को 12 से 14 घंटे का समय लगेगा। यह पम्पा नदी से शुरू होकर वलियाझीकल ब्रेकवाटर के जरिए अरब सागर तक पहुंचेगा। कंपनी ने कस्टम विभाग के साथ मिलकर Vizhinjam में कंटेनर ट्रांसशिपमेंट का ट्रायल भी शुरू कर दिया है।

बड़ी चुनौतियां और जरूरी बदलाव

इस प्रोजेक्ट की सफलता कुछ अहम शर्तों पर टिकी है। थ्रिक्कुन्नप्पुझा (Thrikkunnapuzha) ब्रिज पर एक लॉक सिस्टम का निर्माण सबसे बड़ी जरूरत है ताकि बार्ज आसानी से निकल सकें। इसके अलावा, कंपनी को अपने टर्मिनल पर क्रेन और रीच स्टैकर्स जैसे अपग्रेड्स भी करने होंगे।

निवेशकों के लिए जरूरी बात

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि Kottayam Port and Container Terminal Services एक प्राइवेट और अनलिस्टेड कंपनी है। इसका सालाना रेवेन्यू ₹10 करोड़ से कम है और शेयर बाजार में इसकी कोई लिस्टिंग नहीं है। अतः इसमें कोई लिक्विड इक्विटी या पब्लिक ट्रेडिंग का विकल्प मौजूद नहीं है। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में है और सरकारी मंजूरियों (government approvals) का इंतज़ार कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.