केरल हाई कोर्ट ने नेशनल हाईवे-544 पर स्थित पालीयेक्करा टोल प्लाजा पर टोल वसूली पर लगी रोक को हटा दिया है। कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने सड़क की खराब हालत और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए 6 अगस्त को इस टोल प्लाजा का संचालन निलंबित कर दिया था। कोर्ट ने माना कि सड़क के बुनियादी ढांचे को लेकर जनता की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन टोल वसूली जारी रहने से राजमार्ग का संचालन करने वाली संस्था के लिए बड़े कानूनी मामले (लिटिगेशन) पैदा हो सकते हैं। इसलिए, यह रोक इस कड़ी शर्त पर हटाई गई है कि 1 सितंबर से लागू होने वाली नई टोल दरें, एनएच 544 के इस विशेष खंड पर आगे न्यायिक आदेश आने तक लागू नहीं होंगी।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने पहले के स्थगन आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट को स्थिति की निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया था। तब से NHAI ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया है कि पालीयेक्करा में ट्रैफिक और सड़क की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
प्रभाव
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इस फैसले से टोल राजस्व की वसूली फिर से शुरू हो जाएगी, जो राजमार्ग के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, नई, संभावित रूप से उच्च, टोल दरों का स्थगन कंसेशनेयर और NHAI के लिए तत्काल राजस्व की उम्मीदों को प्रभावित कर सकता है। अदालत का संतुलित दृष्टिकोण, जिसमें सार्वजनिक शिकायतों और राजमार्ग संचालन की वित्तीय व्यवहार्यता दोनों को संबोधित किया गया है, भारत में बुनियादी ढांचे से संबंधित समान विवादों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।