इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब बनेगा गेम-चेंजर
इस पूरे बदलाव के केंद्र में 20 एकड़ का एक बड़ा ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (GTC) है। यह सेंटर एयरपोर्ट टर्मिनल्स के करीब विभिन्न ट्रांसपोर्ट मोड्स को एक साथ लाएगा, जो एयरपोर्ट के ऑपरेशन और रीजन की इकॉनमी के लिए बेहद ज़रूरी होगा।
कनेक्टिविटी का मास्टर प्लान
इस प्लान का मुख्य हिस्सा प्रमुख एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव है। एयरपोर्ट के लिए मुख्य एक्सेस यमुना एक्सप्रेसवे से होगा। साथ ही, एक नई 31 किलोमीटर लंबी सड़क के ज़रिए यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी इसका कनेक्शन होगा, जिससे दिल्ली से ट्रैफिक को बाईपास करने और कंजेशन कम करने में मदद मिलेगी।
रेल और मेट्रो का इंटीग्रेशन
भविष्य की योजनाओं में रेल और रैपिड ट्रांजिट के लिंक शामिल हैं। गाजियाबाद-Jewar RRTS (नमो भारत) कॉरिडोर 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का भी विस्तार किया जाएगा, और दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के साथ इंटीग्रेशन की योजना है, जिससे एक फुल ट्रांजिट नेटवर्क तैयार होगा।
आर्थिक प्रभाव और निवेश के मौके
इस मजबूत कनेक्टिविटी वाले इलाकों में कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए रेंटल यील्ड में 40-60% तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने की उम्मीद है, जो ऐसे लोकेशंस से काफी ज़्यादा है जहां ट्रांसपोर्ट का सिर्फ एक ही लिंक है। रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की वैल्यू भी 15-25% तक बढ़ सकती है।
सेक्टर वाइज ग्रोथ
विभिन्न प्रॉपर्टी टाइप्स में मौके मौजूद हैं। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बने रेजिडेंशियल एरिया खरीदारों और किराएदारों को आकर्षित कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट हब्स के पास हाई-क्वालिटी ऑफिस स्पेस बेहतर कीमत पर मिलेंगे, क्योंकि कंपनियां पहले से ही इसमें दिलचस्पी दिखा रही हैं। 80 एकड़ के मल्टीमॉडल कार्गो हब और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से नज़दीकी के कारण, Jewar लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के लिए भी बड़ा पोटेंशियल रखता है, जो इसे नॉर्थ इंडिया का टॉप लॉजिस्टिक्स सेंटर बना देगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सबक
Jewar प्रोजेक्ट इंटीग्रेटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए एक मॉडल के तौर पर काम करता है। मुख्य सबक में शुरू से ही एक पूरा ट्रांसपोर्ट सिस्टम प्लान करना, सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाना, फाइनल-माइल कनेक्शन्स पर ध्यान देना और ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए ज़रूरत से पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना शामिल है। यह दिखाता है कि वैल्यू सिर्फ सिंगल प्रोजेक्ट से नहीं, बल्कि कनेक्टेड और फायदेमंद सिस्टम बनाने से आती है।
