Jammu-Srinagar Highway: भारी बारिश के कारण दूसरे दिन भी बंद, 600 से ज़्यादा गाड़ियां फंसीं

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AuthorNeha Patil|Published at:
Jammu-Srinagar Highway: भारी बारिश के कारण दूसरे दिन भी बंद, 600 से ज़्यादा गाड़ियां फंसीं

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन भी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद है। इस वजह से 600 से ज़्यादा गाड़ियां फंसी हुई हैं और क्षेत्रीय सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है।

Detailed Coverage

हाईवे पर आई आफत

कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन भी आम यातायात के लिए बंद है। उधमपुर और रामबन के बीच कई जगहों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क बह जाने की वजह से 250 किलोमीटर लंबा यह मुख्य मार्ग बंद कर दिया गया है। इस बंद की वजह से 600 से ज़्यादा गाड़ियां बीच रास्ते में फंसी हुई हैं, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

संपर्क और सप्लाई चेन पर असर

सिर्फ मुख्य हाईवे ही नहीं, बल्कि जम्मू और कश्मीर के कई अंदरूनी जिलों को जोड़ने वाले रास्ते जैसे डोडा-किश्तवाड़ रोड भी भूस्खलन के कारण बंद हैं। हालांकि, मुगल रोड और श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी रोड फिलहाल खुले हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश इन वैकल्पिक रास्तों के लिए भी खतरा बनी हुई है। बारिश का असर बिजली और पानी की सप्लाई पर भी पड़ा है, जिससे राहत और बचाव के काम में और मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

मौसम का पूर्वानुमान और जोखिम

मौसम विभाग ने जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों, खासकर चिनाब वैली, सांबा, कठुआ और उधमपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की आशंका है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। इससे हाईवे से मलबा हटाने और उसे फिर से खोलने के काम में और देरी हो सकती है। रीसी में 119.5 mm बारिश दर्ज की गई है, जिससे नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

इस स्थिति में, निवेशकों की नजरें हाईवे के फिर से खुलने की समय-सीमा और क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान पर टिकी रहेंगी। ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से जुड़े निवेशकों को सड़क बहाली की प्रक्रिया और शिपमेंट में देरी के कारण होने वाले अतिरिक्त खर्चों पर नजर रखनी चाहिए। सरकारी राहत कोष और सड़क स्थिरीकरण परियोजनाओं की घोषणाएं भी क्षेत्रीय यूटिलिटी और निर्माण कंपनियों पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव को समझने में मदद कर सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.