JSW Infrastructure, तमिलनाडु के V.O. Chidambaranar (VOC) पोर्ट पर अपने **₹600 करोड़** के बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है। उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट **2027** की शुरुआत तक पूरी तरह चालू हो जाएगा, जिससे कोयला और अन्य ड्राई बल्क कार्गो को संभालने की क्षमता सालाना **7 मिलियन टन** तक बढ़ जाएगी।
Detailed Coverage
VOC पोर्ट पर JSW Infra का ₹600 करोड़ का निवेश
JSW Infrastructure तमिलनाडु में अपनी मौजूदगी को और मजबूत कर रही है। कंपनी ने थूथुकुडी स्थित V.O. Chidambaranar (VOC) पोर्ट पर ₹600 करोड़ का निवेश करने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत, नॉर्थ कार्गो बर्थ-III को मशीनीकृत (mechanized) किया जा रहा है, जिससे ड्राई बल्क कार्गो को संभालने की गति और मात्रा दोनों में सुधार होगा। कंपनी का लक्ष्य 2027 के फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही तक इसका पूरा ऑपरेशन शुरू करना है।
यह प्रोजेक्ट 30 साल के एक कंसेशन एग्रीमेंट के तहत विकसित किया जा रहा है, जिस पर जुलाई 2024 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह प्रोजेक्ट 'डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर' (DBFOT) मॉडल पर आधारित है। इस मॉडल में, प्राइवेट कंपनियाँ लंबे समय तक इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स का प्रबंधन करती हैं और फिर उन्हें पोर्ट अथॉरिटी को सौंप देती हैं। यह नया टर्मिनल कोयला, कोक, चूना पत्थर और कॉपर कॉन्संट्रेट जैसे विभिन्न इंडस्ट्रियल कमोडिटीज को हैंडल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
तमिलनाडु में क्षमता का विस्तार
पूरा प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद, यह सुविधा सालाना 7 मिलियन टन की हैंडलिंग क्षमता प्रदान करेगी। इसके साथ ही, तमिलनाडु के पोर्ट्स पर JSW Infrastructure की कुल बल्क कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़कर 20 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी। कंपनी पहले से ही एन्नोर पोर्ट पर 11 मिलियन टन क्षमता वाले कोयला टर्मिनल और 2 मिलियन टन क्षमता वाले बल्क कार्गो बर्थ का संचालन कर रही है। VOC पोर्ट में विस्तार के साथ, कंपनी राज्य में अपनी भौगोलिक पहुँच का विस्तार कर रही है, जो इंडस्ट्रियल इम्पोर्ट के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
हालांकि पूरी मशीनीकरण का काम अभी चल रहा है, लेकिन यह टर्मिनल अंतरिम तौर पर काम करना शुरू कर चुका है। 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के दौरान, मोबाइल हार्बर क्रेन का उपयोग करके इस सुविधा ने 1.39 मिलियन टन कार्गो को हैंडल किया है। यह शुरुआती गतिविधि दर्शाती है कि कंपनी फाइनल इंफ्रास्ट्रक्चर के पूरी तरह चालू होने से पहले ही साइट का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रही है।
ऑपरेशनल और फाइनेंशियल पहलू
निवेशकों के लिए, ऐसे बड़े कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित रहेगा। मशीनीकृत बर्थ की ओर बढ़ने का मुख्य उद्देश्य जहाजों के टर्नअराउंड टाइम को कम करना है, जिससे अधिक मात्रा को कुशलतापूर्वक संभालकर समग्र लाभ मार्जिन में सुधार हो सकता है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट की सफलता कोयला और चूना पत्थर जैसे कच्चे माल की निरंतर मांग पर निर्भर करेगी, जो पोर्ट की इंडस्ट्रीज द्वारा उपयोग किए जाते हैं।
निवेशक FY27 की समय सीमा नजदीक आने पर प्रोजेक्ट के निर्माण की समय-सीमा पर नज़र रख सकते हैं। चूंकि इस प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण अपफ्रंट कैपिटल खर्च शामिल है, इसलिए कंपनी के डेट लेवल और इन विस्तारों को फंड करते हुए स्वस्थ कैश फ्लो बनाए रखने की क्षमता को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा। इसके अतिरिक्त, VOC पोर्ट टर्मिनल से प्रदर्शन अपडेट आगामी तिमाही रिपोर्टों में देखने के लिए एक प्रमुख मीट्रिक होंगे, ताकि यह देखा जा सके कि वॉल्यूम ग्रोथ शुरुआती अनुमानों के अनुरूप है या नहीं।
