JNPA: ग्रीन पोर्ट प्रोजेक्ट के लिए मिला **$7 करोड़** का कर्ज, बिना सरकारी गारंटी बदली तस्वीर

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AuthorAditya Rao|Published at:
JNPA: ग्रीन पोर्ट प्रोजेक्ट के लिए मिला **$7 करोड़** का कर्ज, बिना सरकारी गारंटी बदली तस्वीर

Jawaharlal Nehru Port Authority ने International Finance Corporation से **$7 करोड़** का **10** साल के लिए लोन लिया है। यह भारत का पहला 'ब्लू फाइनेंसिंग' प्रोजेक्ट है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में **63%** की कमी आने की उम्मीद है।

ग्रीन पोर्ट की ओर बड़ा कदम

JNPA ने अपने कंटेनर टर्मिनल्स पर 'शोर पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर' (Shore Power Infrastructure) विकसित करने के लिए यह फंड जुटाया है। इस तकनीक के जरिए जहाज जब बंदरगाह पर खड़े होंगे, तो उन्हें डीजल इंजन बंद करके बिजली के लिए जमीन से जुड़े पावर ग्रिड का इस्तेमाल करना होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में 63% और स्थानीय वायु प्रदूषण में 90% तक की भारी कमी आने की संभावना है।

क्यों खास है यह डील?

यह सौदा भारतीय पोर्ट सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत है। पहली बार किसी सरकारी पोर्ट अथॉरिटी ने बिना किसी सरकारी गारंटी (Sovereign Guarantee) के कमर्शियल फाइनेंसिंग हासिल की है। यह JNPA की मजबूत फाइनेंशियल स्थिति को दर्शाता है और यह साबित करता है कि अब भारतीय पोर्ट्स अपनी ऑपरेशनल ताकत के दम पर कर्ज ले सकते हैं।

क्या है आगे की राह?

यह प्रोजेक्ट सरकार के 'हरित सागर' (Harit Sagar) ग्रीन पोर्ट गाइडलाइंस के अनुरूप है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि शिपिंग लाइनें इस तकनीक को कितनी तेजी से अपनाती हैं। यह मॉडल अगर सफल रहता है, तो भविष्य में इसे देश के अन्य बंदरगाहों पर भी लागू किया जा सकता है। साथ ही, JNPA की इस कर्ज को चुकाने की क्षमता आने वाले समय में अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एक बेंचमार्क साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.