MLFF Toll System: भारत में हाईवे टोल के नए नियम! बचेंगे पैसे, पर चूकें तो बढ़ेगा भारी जुर्माना

TRANSPORTATION
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AuthorNeha Patil|Published at:
MLFF Toll System: भारत में हाईवे टोल के नए नियम! बचेंगे पैसे, पर चूकें तो बढ़ेगा भारी जुर्माना
Overview

भारत में **MLFF Toll System** का दायरा तेजी से बढ़ रहा है! यह नया बैरियर-फ्री सिस्टम जहां एक ओर सालाना **₹295 करोड़** की ईंधन बचत और ऑपरेशनल खर्चों में **12-15%** से घटकर **3-4%** तक की कमी लाने का वादा करता है, वहीं अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर **72 घंटे** के अंदर **डबल पेनल्टी** का खतरा मंडरा रहा है।

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सिस्टम के फायदे: लागत में कटौती और तेज सफर

MLFF (Multi-Lane Free Flow) टोल सिस्टम भारत के हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना रहा है। नितिन गडकरी का अनुमान है कि इस बैरियर-लेस टेक्नोलॉजी से टोल कलेक्शन की लागत मौजूदा 12-15% रेवेन्यू से घटकर महज 3-4% रह जाएगी। इस एफिशिएंसी ड्राइव से राष्ट्रीय स्तर पर ₹295 करोड़ की ईंधन बचत होगी और 81,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन कम होगा। यह सिस्टम ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और FASTag का इस्तेमाल करता है, जिससे बिना रुके स्मूथ सफर संभव होगा और लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी बढ़ेगी। दुनिया भर में MLFF सिस्टम की मांग बढ़ रही है, जिसका मार्केट साइज $11.4 बिलियन से बढ़कर $28.7 बिलियन होने का अनुमान है। पहले भारत में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट जीडीपी का लगभग 14% थी, जिसे इस तरह के इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारों से सिंगल डिजिट में लाने का लक्ष्य है।

हाईवे ग्रोथ और FASTag की सीख

MLFF का तेजी से विस्तार पिछले एक दशक में हुए भारी हाईवे कंस्ट्रक्शन के बाद हो रहा है, जहां नेशनल हाईवे नेटवर्क दिसंबर 2025 तक 60% बढ़कर 1.46 लाख किमी से अधिक हो जाएगा। इस विस्तार के साथ, फोकस अब नए रोड बनाने से हटकर लॉजिस्टिक्स को ज्यादा एफिशिएंट बनाने पर है। भले ही हंगरी और ताइवान जैसे देश MLFF से ट्रैफिक और रेवेन्यू में सुधार का अनुभव कर चुके हैं, लेकिन भारत में FASTag को अपनाने में कई चुनौतियां आईं। जागरूकता की कमी, टेक्निकल दिक्कतें और टोल के अलावा सीमित उपयोग के कारण FASTag को अपनाने की गति धीमी रही। NHAI ने पब्लिक प्लाजा पर लागत 17.27% से घटाकर फाइनेंशियल ईयर 24-25 में 9.27% कर दी है, जो MLFF से होने वाले एफिशिएंसी गेन को दर्शाता है। हालांकि, MLFF के लिए सटीक FASTag-टू-व्हीकल रजिस्ट्रेशन लिंक की जरूरत है, जिसके लिए NHAI ने रेवेन्यू लॉस रोकने हेतु वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है।

यूजर्स पर असर: नए पेनल्टी नियम और कंप्लायंस का खतरा

संभावित फायदों के बावजूद, MLFF सिस्टम ड्राइवरों के लिए नए एनफोर्समेंट नियम और पेनल्टी लेकर आया है। जो ड्राइवर टोल का भुगतान नहीं करेंगे, उन्हें ई-नोटिस भेजे जाएंगे। अगर 72 घंटे के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो पेनल्टी दोगुनी हो जाएगी। इन नोटिसों का समाधान न करने पर वाहन की बिक्री और रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल पर रोक लग सकती है। गलत रजिस्ट्रेशन डेटा से लिंक होने पर FASTag को सस्पेंड या ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। यह सख्त सिस्टम FASTag की पिछली समस्याओं की याद दिलाता है, जैसे टेक्निकल फेलियर और खराब सपोर्ट, जिसने यूजर एक्सपीरियंस को प्रभावित किया था। रीडर लगाने की हाई कॉस्ट ने पार्किंग और फ्यूल जैसे क्षेत्रों में भी ऐसी टेक्नोलॉजी के एडॉप्शन को धीमा कर दिया है। यूजर एजुकेशन के बजाय पेनल्टी पर फोकस ड्राइवरों को अलग-थलग कर सकता है और टोलिंग अथॉरिटी के साथ टकराव पैदा कर सकता है।

विस्तार की योजनाएं

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय FY27 में लगभग 200 टोल प्लाजा पर MLFF लागू करने की योजना बना रहा है, जिसके लिए टेंडर तैयार किए जा रहे हैं। NHAI का लक्ष्य जून 2028 तक सभी चार-लेन से अधिक वाले नेशनल हाईवे पर इसे लागू करना है। इस तेज रोलआउट का मकसद टोलिंग को और डिजिटाइज करना और भारत को ग्लोबल इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के साथ अलाइन करना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे टोल रेवेन्यू बढ़ेगा और एक मजबूत, एफिशिएंट नेटवर्क बनेगा, जो पब्लिक टोल प्लाजा पर हाल की लागत-बचत की सफलताओं पर आधारित होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.