प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और विदेश में होने वाले गैर-ज़रूरी खर्चों में कटौती करने की सलाह का भारतीय ट्रैवल स्टॉक्स पर गहरा असर पड़ा है। इस 'देशभक्ति' की पुकार को, जो मुश्किल वक्त में आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बताया जा रहा है, 'कोरोना काल' की स्वदेशी अपनाने की रणनीतियों की याद दिलाती है।
बाजार में इसकी प्रतिक्रिया तुरंत देखने को मिली। सुबह 9:45 बजे तक, Yatra Online के शेयर 5.44% तक गिर गए। वहीं, Thomas Cook India के शेयर 3.97%, MakeMyTrip के 3.27% और TBO Tek के 2.48% नीचे आ गए। Ixigo, IRCTC और BLS International जैसे शेयरों में भी करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस व्यापक गिरावट से निवेशकों में चिंता साफ झलक रही है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा की मांग में कमी कंपनियों के रेवेन्यू (Revenue) को कैसे प्रभावित करेगी।
इस सेक्टर पर नज़र रखने वाले Nifty India Tourism Index में हाल ही में उतार-चढ़ाव देखा गया था और 8 मई, 2026 को यह 0.08% की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसी दिन, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण समग्र बाजार भी 0.62% लुढ़क गया था, जिससे Nifty 50 पर दबाव बढ़ा।
MakeMyTrip और TBO Tek जैसी बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों का P/E अनुपात काफी ऊंचा है, जो क्रमशः लगभग 96 और 57 है। Thomas Cook India का P/E लगभग 18 और BLS International का 18.5 के आसपास है। Yatra Online का P/E अक्सर नकारात्मक रहता है, जो कुछ वित्तीय चुनौतियों का संकेत देता है। सरकार द्वारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो और रेलवे को बढ़ावा देने की योजना भी उपभोक्ताओं के खर्च को डाइवर्ट कर सकती है।
जिन कंपनियों का फोकस विदेश यात्रा (Outbound International Travel) पर ज्यादा है, जैसे MakeMyTrip और TBO Tek, उन्हें विदेशी मुद्रा बचाने की इस मुहिम से काफी दबाव झेलना पड़ रहा है। कुछ कंपनियों के ऊंचे P/E रेश्यो बताते हैं कि उनकी वैल्यूएशन शायद थोड़ी ज्यादा थी, जो अब खर्चों में कटौती और घटते मुनाफे के मार्जिन से चुनौती में हैं। SpiceJet जैसी एयरलाइन का नकारात्मक P/E और मार्केट कैपिटलाइजेशन से जुड़े मुद्दे, ट्रैवल इंडस्ट्री में व्यापक जोखिमों की ओर इशारा करते हैं।
सरकार की यह रणनीति घरेलू आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और बाहरी कारकों पर निर्भरता कम करने की है। जहां विदेश यात्रा पर केंद्रित कंपनियों को तत्काल चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, वहीं घरेलू पर्यटन और संबंधित सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करने वाली कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, पूरे सेक्टर के लिए सेंटीमेंट (Sentiment) सतर्क बना हुआ है, जो वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक मजबूती के उपायों की प्रभावशीलता से प्रभावित होगा।
