बढ़ती चेतावनियां और नेविगेशन पर रोक
इस गलियारे से गुजरने वाले जहाजों को लगातार रेडियो संदेशों के जरिए चेताया जा रहा है कि वे इस रास्ते से न गुजरें। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी की ओर से जारी संदेशों में साफ कहा जा रहा है, "सभी जहाजों का ध्यान आकर्षित किया जाता है... यह सेपह नेवी है... हॉरमुज जलडमरूमध्य से नेविगेशन की अनुमति नहीं है..." इस हस्तक्षेप ने समुद्री माहौल को बेहद अस्थिर और भ्रमित कर दिया है।
मैन्युअल नेविगेशन की मजबूरी
सैटेलाइट सिस्टम के अविश्वसनीय होने के कारण कैप्टन अब मैन्युअल नेविगेशन पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं। 28 साल के अनुभव वाले एक केमिकल टैंकर के मास्टर मैरिनर, कैप्टन मनीष कुमार ने इस गंभीर खतरे को बताया। उन्होंने कहा, "GPS की वजह से नेविगेशन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जहाज की सही स्थिति का पता लगाना बहुत मुश्किल हो रहा है... ऐसे संकरे पानी में अगर पोजीशन चूक गए, तो जहाज फंस सकता है या टकरा सकता है।" आज के समय में आधुनिक शिपिंग अपने सुरक्षित सफर के लिए GPS पर बहुत निर्भर करती है।
बारूदी सुरंगों का खौफ
खतरे को और बढ़ाते हुए नौसैनिक बारूदी सुरंगों (naval mines) की भी चेतावनी दी गई है। जोखिमों को कम करने के लिए जहाजों को तयशुदा गलियारों (designated corridors) से गुजारा जा रहा है, जिन्हें एंट्री और एग्जिट के लिए चिन्हांकित किया गया है। कैप्टन कुमार ने बताया कि GPS की समस्या, अनिश्चित समय-सीमा और बारूदी सुरंगों के खतरे का यह मेल अभूतपूर्व है, जो जोखिम के एक नए स्तर को दर्शाता है।
ज्वलनशील सामान से भरा जहाजों का खतरा
खतरे का स्तर इस वजह से और बढ़ जाता है क्योंकि यहां से गुजरने वाले ज्यादातर जहाज तेल या केमिकल टैंकर हैं। इस ज्वलनशील सामान के साथ अगर कोई हादसा हुआ तो बड़े विस्फोट का खतरा बहुत ज्यादा है। इसी को देखते हुए शिपिंग कंपनियां हर दिन "संघर्ष खुफिया ब्रीफ" (conflict intelligence briefs) जारी कर रही हैं, जिसमें सैन्य सलाह और जोखिम का आकलन शामिल होता है ताकि रियल-टाइम मार्गदर्शन मिल सके।
जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट
आंकड़े बताते हैं कि हॉरमुज जलडमरूमध्य, जो ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण वैश्विक गलियारा है, से जहाजों का आवागमन काफी गिर गया है। जहाजों की रोजाना की संख्या जो औसतन 138 थी, वह घटकर सिंगल डिजिट में आ गई है। यह नाविकों और शिपिंग कंपनियों के सामने बढ़ते खतरों और ऑपरेशनल चुनौतियों को दर्शाता है। ज्वाइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (Joint Maritime Information Center) की एक सलाह में इस क्षेत्र में समुद्री खतरे के स्तर को "गंभीर" (critical) बताया गया है।