होरमुज के पास मर्चेंट वेसल MV Cape Dao पर हुए टॉरपीडो हमले में भारतीय नाविक सूरज यादव की मौत हो गई है। भारत आ रहे इस जहाज पर हमले से समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर शिपिंग और लॉजिस्टिक्स शेयरों पर पड़ सकता है।
बुधवार को होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरते समय मर्चेंट वेसल MV Cape Dao को 2 टॉरपीडो ने निशाना बनाया। इस हमले में जहाज पर वाइपर के पद पर तैनात भारतीय नागरिक सूरज यादव की दुखद मौत हो गई। हमले से जहाज के पोर्ट साइड, विशेष रूप से सी-डेक एकोमोडेशन और इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है।
कूटनीतिक प्रतिक्रिया और रेस्क्यू
मस्कट में भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर चालक दल के बाकी सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल 28 क्रू मेंबर्स में से 19 से 20 भारतीय नागरिक सवार थे। वर्तमान में सरकार क्रू को वापस लाने और जहाज को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है।
शिपिंग और लॉजिस्टिक्स पर आर्थिक असर
होरमुज का रास्ता वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए एक प्रमुख 'चोकपॉइंट' है। इस तरह की सुरक्षा घटनाओं के बाद समुद्री उद्योग में 'वॉर रिस्क प्रीमियम' (War Risk Premiums) बढ़ना तय माना जा रहा है। इसका सीधा असर शिपिंग लाइनों की ऑपरेशनल लागत पर पड़ेगा, जिसे अंततः बढ़े हुए फ्रेट रेट्स के रूप में ग्राहकों और निवेशकों पर डाला जा सकता है।
इसके अलावा, सुरक्षा जोखिमों के कारण कंपनियों को अपने जहाजों का रूट बदलना पड़ सकता है, जिससे ईंधन की खपत और यात्रा का समय दोनों बढ़ेंगे। फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (Forward Seamen's Union of India) ने नाविकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है और प्रोटोकॉल में बदलाव की मांग की है। निवेशकों को अब इस रूट से जुड़ी शिपिंग कंपनियों के इंश्योरेंस और मुनाफे पर पड़ने वाले असर पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
