Indian Railways ने प्रीमियम यात्रा को नई दिशा देते हुए 1 नवंबर से Vande Bharat Sleeper ट्रेनें शुरू करने का ऐलान किया है। ये ट्रेनें दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-बेंगलुरु रूट पर चलेंगी, जिनका किराया **₹2.40** से **₹3.80** प्रति किमी के बीच तय किया गया है।
प्रीमियम सफर की नई शुरुआत
रेलवे अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव लाते हुए 'चेयर कार' के बजाय हाई-स्पीड स्लीपर मॉडल पर फोकस कर रहा है। दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-बेंगलुरु जैसे व्यस्त रूट्स पर इन ट्रेनों के चलने से सफर का समय काफी कम हो जाएगा। उदाहरण के लिए, मुंबई से बेंगलुरु के बीच का सफर अब और भी आसान और तेज होगा, जो सीधे तौर पर एयर ट्रेवल और लग्जरी बसों को टक्कर देगा।
क्या है टिकट का गणित?
इन ट्रेनों की खासियत यह है कि इसमें RAC (Reservation Against Cancellation) जैसी सुविधा नहीं मिलेगी। इसका पूरा सिस्टम फुली-रिजर्व्ड होगा। कोच बनाने का काम BEML और Titagarh Rail Systems जैसी कंपनियों को दिया गया है, जो 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा दे रहा है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़ा मॉनिटरेबल पॉइंट है। इंडियन रेलवे पारंपरिक रूप से 'क्रॉस-सब्सिडी' मॉडल पर काम करती है, जहां फ्रेट (माल ढुलाई) से होने वाली कमाई पैसेंजर सेगमेंट के घाटे को पूरा करती है। इस फाइनेंशियल ईयर में सरकार ने पैसेंजर फेयर कंसेशन के लिए ₹60,000 करोड़ से ज्यादा का एलोकेशन किया है।
अब सवाल यह है कि क्या यह प्रीमियम सर्विस पैसेंजर सेगमेंट को घाटे से उबार पाएगी? इन ट्रेनों की मेंटेनेंस कॉस्ट और ऑपरेशनल खर्चों को देखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इनका रेवेन्यू मॉडल रेलवे की वित्तीय सेहत में बड़ा सुधार ला पाता है।
