Indian Railways Share Price: चौकाने वाला खुलासा! ₹104 करोड़ की चादरें और तौलिए चोरी, रेलवे को भारी नुकसान

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Railways Share Price: चौकाने वाला खुलासा! ₹104 करोड़ की चादरें और तौलिए चोरी, रेलवे को भारी नुकसान

भारतीय रेलवे को बड़ा झटका लगा है! एक वायरल वीडियो के बाद सामने आई चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, साल 2022 से 2026 के बीच रेलवे की **1.27 करोड़** से ज़्यादा चादरें, तौलिए और अन्य बिस्तर सामग्री चोरी हो गई है। इस चोरी की अनुमानित कीमत **₹104.51 करोड़** बताई जा रही है।

कैसे हुआ ₹104 करोड़ का नुकसान?

सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो ने भारतीय रेलवे की एक बड़ी समस्या को फिर से उजागर कर दिया है। इस वीडियो में कुछ लोग रेलवे की चादरों को ओढ़कर घूमते हुए नज़र आ रहे हैं। लेकिन यह सिर्फ एक झलक है, असली तस्वीर तो RTI (सूचना का अधिकार) से मिले आंकड़ों में सामने आई है।

आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच, पूरे देश में रेलवे के डिब्बों से 1.27 करोड़ से ज़्यादा बिस्तर सामग्री, जैसे कि चादरें, तौलिए, तकिए के कवर और कंबल चोरी हो गए हैं। इनकी कुल कीमत ₹104.51 करोड़ से ज़्यादा है। इसमें 46.54 लाख फेस टॉवल, 41.13 लाख चादरें, 23.59 लाख पिलो कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए शामिल हैं।

चोरी का असर और जिम्मेदार कौन?

यह चोरी सिर्फ सामग्री की बर्बादी नहीं है, बल्कि रेलवे के कामकाज पर भी भारी पड़ती है। इन सामानों की भरपाई का बोझ अक्सर उन प्राइवेट कंपनियों पर पड़ता है जो रेलवे के लिए हाउसकीपिंग और लॉन्ड्री का काम करती हैं। कई बार, इस नुकसान की भरपाई कोच अटेंडेंट की सैलरी से काटी जाती है या फिर फर्मों की सिक्योरिटी मनी से। इससे कंपनियों के लिए सेवाएं देना और भी महंगा हो जाता है।

चिंता की बात यह है कि रेलवे के 10 डिवीजनों (7 ज़ोन में फैले हुए) से 67% चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। इसका मतलब है कि यह समस्या किसी एक जगह की नहीं, बल्कि पूरे रेलवे नेटवर्क की है। ट्रेनों में भीड़भाड़ और यात्रियों की लगातार आवाजाही के बीच इन सामानों की सुरक्षा करना रेलवे प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

रेलवे के लिए यह एक मुश्किल काम है कि वह यात्रियों को अच्छी सुविधाएं भी दे और अपनी संपत्ति को भी सुरक्षित रखे। अगर यह चोरी इसी तरह जारी रही, तो रेलवे को अपनी सेवाओं के मॉडल पर फिर से सोचना पड़ सकता है या फिर और ज़्यादा सख्त और महंगे सुरक्षा उपाय अपनाने पड़ सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.